बिहार बोर्ड कक्षा 10 हिंदी प्रश्न-उत्तर पुस्तक में पाठ्यपुस्तक ‘क्षितिज’ और ‘कृतिका’ के सभी पाठों के प्रश्नों के विस्तृत और सरल उत्तर दिए गए हैं। यह विद्यार्थियों को पाठों की गहरी समझ, भाषा कौशल और परीक्षा की तैयारी में मदद करता है। संक्षिप्त, स्पष्ट और पाठ्यक्रमानुसार उत्तर उपलब्ध हैं।
Bihar Board Class 10 Hindi Objective Question
पद्य-खण्ड
1. (i) राम नाम बिनु बिरथे जगि जनमा
(ii) जो नर दुख में दुख नहिं मानै
| क्रम संख्या | प्रश्न | सही उत्तर | व्याख्या (स्पष्टीकरण) |
| 1 | गुरु नानक की किस मुगल सम्राट से मुलाकात हुई थी? | (a) बाबर से | गुरु नानक की मुलाकात मुगल सम्राट बाबर से हुई थी, जैसा कि ऐतिहासिक स्रोतों में उल्लेखित है। |
| 2 | ‘जपुजी’ किसकी रचना है? | (c) गुरु नानक | ‘जपुजी’ गुरु नानक की रचना है, जो गुरु ग्रंथ साहिब का महत्वपूर्ण हिस्सा है। |
| 3 | “डंड कमंडल सिखा सूत धोती तीरथ गवनु अति भ्रमनु करै।” यह पंक्ति किस शीर्षक कविता से उद्धृत है? | (a) राम नाम बिनु बिरथे जगि जनमा | यह पंक्ति गुरु नानक की रचना “राम नाम बिनु बिरथे जगि जनमा” से है, जो बाह्य आडंबरों की आलोचना करती है। |
| 4 | गुरु नानक के किस पद में राम-नाम के कीर्तन पर बल दिया गया है? | (b) प्रथम पद | गुरु नानक ने अपने प्रथम पद में राम-नाम के कीर्तन पर विशेष जोर दिया है। |
| 5 | गुरु नानक की रचनाओं का संग्रह गुरु अर्जुनदेव ने कब किया जो ‘गुरु ग्रंथ साहिब’ के नाम से प्रसिद्ध है? | (c) 1604 ई० में | गुरु अर्जुनदेव ने 1604 में गुरु नानक की रचनाओं का संग्रह ‘गुरु ग्रंथ साहिब’ के रूप में किया। |
| 6 | ‘तलबंडी’ वर्तमान में कहाँ है? | (a) पाकिस्तान में | तलबंडी, जो अब नानकाना साहब के नाम से जाना जाता है, वर्तमान में पाकिस्तान में है। |
| 7 | वर्णाश्रम और कर्मकाण्ड का विरोध किसने किया? | (a) गुरु नानक ने | गुरु नानक ने वर्णाश्रम और कर्मकाण्ड जैसे बाह्य आडंबरों का कड़ा विरोध किया। |
| 8 | गुरु नानक ने किस भाषा में कविताएँ लिखी? | (d) (a) एवं (b) | गुरु नानक ने अपनी कविताएँ पंजाबी और हिंदी (ब्रजभाषा मिश्रित) में लिखीं। |
| 9 | सिख धर्म के पाँचवे गुरु थे: | (b) अर्जुन देव | गुरु अर्जुन देव सिख धर्म के पाँचवें गुरु थे। |
| 10 | राम नाम के कीर्तन पर किसने जोर दिया? | (c) गुरु नानक ने | गुरु नानक ने राम-नाम के कीर्तन को आध्यात्मिक साधना का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। |
| 11 | नारियों के उचित स्थान के लिए आवाज बुलंद किया: | (c) गुरु नानक ने | गुरु नानक ने नारियों के सम्मान और समानता के लिए आवाज उठाई। |
| 12 | किसके बिना प्राणी को मुक्ति नहीं मिलती? | (d) गुरु-ज्ञान के बिना | गुरु नानक के अनुसार, गुरु-ज्ञान के बिना मुक्ति संभव नहीं है। |
| 13 | किसके बिना इस संसार में जन्म लेना बेकार है? | (a) राम नाम के बिना | गुरु नानक ने कहा कि राम-नाम के बिना जीवन व्यर्थ है। |
| 14 | जपुजी, आसदी वार और सोहिला किसकी रचना है? | (b) गुरु नानक की | ये तीनों रचनाएँ—जपुजी, आसदी वार, और सोहिला—गुरु नानक की हैं। |
| 15 | क्या कहते हुए नानक ने अपना प्राण त्यागा? | (b) वाह गुरु | गुरु नानक ने “वाह गुरु” कहते हुए अपना प्राण त्यागा था। |
| 16 | गुरु नानक की रचनाओं का संग्रह किसने किया? | (a) गुरु अर्जुन देव | गुरु अर्जुन देव ने गुरु नानक की रचनाओं का संग्रह ‘गुरु ग्रंथ साहिब’ में किया। |
| 17 | गुरु नानक की रचनाओं के संग्रह का क्या नाम है? | (b) गुरु ग्रंथ साहब | गुरु नानक की रचनाओं का संग्रह ‘गुरु ग्रंथ साहिब’ के नाम से जाना जाता है। |
| 18 | ‘राम नाम बिनु बिरथे जगि जनमा’ पद में किसकी आलोचना की गई है? | (a) बाह्याडंबर की | इस पद में गुरु नानक ने बाह्य आडंबरों और कर्मकांडों की आलोचना की है। |
| 19 | ‘रहिरास’ किसकी कृति है? | (d) गुरु अर्जुन देव की | ‘रहिरास’ गुरु अर्जुन देव की कृति है, जो गुरु ग्रंथ साहिब में शामिल है। |
| 20 | गुरु नानक किस भक्तिधारा के कवि हैं? | (b) निर्गुण भक्तिधारा | गुरु नानक निर्गुण भक्तिधारा के कवि हैं, जो ईश्वर के निराकार रूप की भक्ति पर जोर देते हैं। |
| 21 | गुरु नानक की मृत्यु कब हुई? | (c) 1539 ई० में | गुरु नानक की मृत्यु 1539 में हुई थी। |
| 22 | ‘राम नाम बिनु बिरथे जगि जनमा’। यह पंक्ति की है: | (a) गुरु नानक | यह पंक्ति गुरु नानक की रचना से है। |
| 23 | वाणी कब विष के समान हो जाती है? | (a) राम-नाम के बिना | गुरु नानक के अनुसार, राम-नाम के बिना वाणी विष के समान हो जाती है। |
| 24 | ‘नानकाना साहब’ कहाँ अवस्थित है? | (b) पाकिस्तान में | नानकाना साहब, गुरु नानक का जन्मस्थान, वर्तमान में पाकिस्तान में है। |
| 25 | गुरु नानक ने किन्हें सम्मान दिया? | (c) स्त्री को | गुरु नानक ने स्त्रियों को सम्मान और समानता का स्थान देने की वकालत की। |
| 26 | कौन पहले संत थे जिन्होंने विदेशी आक्रमणकारियों के विरोध में आवाज उठाई? | (d) गुरु नानक | गुरु नानक पहले संत थे जिन्होंने विदेशी आक्रमणकारियों (जैसे बाबर) के खिलाफ आवाज उठाई। |
| 27 | ‘जो नर दुख में दुख नहिं मानै’ किस लेखक की कृति है? | (b) गुरु नानक | यह पंक्ति गुरु नानक की रचना से है, जो सिख धर्म की शिक्षाओं को दर्शाती है। |
| 28 | गुरु नानक का कथन किस कवि के कथन से मिलता है? | (a) कबीरदास | गुरु नानक के विचार और कथन कबीरदास के निर्गुण भक्ति और सामाजिक सुधार के विचारों से मिलते हैं। |
| 29 | गुरु नानक का जन्म कब हुआ? | (c) 1469 ई० में | गुरु नानक का जन्म 1469 में हुआ था। |
| 30 | गुरु नानक का जन्म कहाँ हुआ? | (d) तलबंडी, लाहौर | गुरु नानक का जन्म तलबंडी (अब नानकाना साहब), लाहौर में हुआ था। |
| 31 | गुरु नानक के पिताजी का नाम क्या था? | (c) कालूचन्द खत्री | गुरु नानक के पिता का नाम कालूचन्द खत्री था। |
| 32 | गुरु नानक के माताजी का नाम क्या था? | (b) तृप्ता | गुरु नानक की माता का नाम तृप्ता था। |
| 33 | ‘सुलक्षणी’ कौन थी? | (d) गुरु नानक की पत्नी | सुलक्षणी गुरु नानक की पत्नी थीं। |
| 34 | गुरु नानक के ‘पद’ किस भाषा में रचित हैं? | (c) पंजाबी मिश्रित ब्रजभाषा | गुरु नानक के पद पंजाबी और ब्रजभाषा के मिश्रण में रचित हैं। |
| 35 | गुरु नानक के जन्म स्थान को क्या कहते हैं? | (a) नानकाना साहब | गुरु नानक का जन्मस्थान नानकाना साहब के नाम से जाना जाता है। |
| 36 | गुरु नानक की पत्नी का क्या नाम था? | (a) सुलक्षणी | गुरु नानक की पत्नी का नाम सुलक्षणी था। |
| 37 | गुरु नानक पंजाबी के अलावा और किस भाषा में कविताएँ लिखे? | (b) हिंदी | गुरु नानक ने पंजाबी के साथ-साथ हिंदी (ब्रजभाषा मिश्रित) में भी कविताएँ लिखीं। |
| 38 | ‘आसादीवार’ किस कवि की रचना है? | (d) गुरु नानक | ‘आसादीवार’ गुरु नानक की रचना है, जो गुरु ग्रंथ साहिब में शामिल है। |
| 39 | गुरु नानक ने किस धर्म का प्रवर्तन किया? | (a) सिख धर्म का | गुरु नानक ने सिख धर्म की स्थापना की। |
2. (i) प्रेम-अयनि श्री राधिका
(ii) करील के कुंजन ऊपर वारौं
| क्रम संख्या | प्रश्न | सही उत्तर | व्याख्या (स्पष्टीकरण) |
| 1 | ‘प्रेमवाटिका’ किसकी रचना है? | (b) रसखान | ‘प्रेमवाटिका’ रसखान की प्रमुख रचना है, जिसमें उनकी कृष्ण भक्ति की कविताएँ संकलित हैं। |
| 2 | निम्न में से कौन कवि पठान राजवंश में उत्पन्न हुए थे? | (b) रसखान | रसखान का जन्म पठान राजवंश में हुआ था, और वे मुस्लिम मूल के होने के बावजूद कृष्ण भक्त बने। |
| 3 | किनकी रचनाओं से मुग्ध होकर भारतेन्दु हरिश्चंद्र ने कहा था- “इन मुसलमान हरिजनन पै, कोटिन हिन्दू वारिये।”? | (b) रसखान की | भारतेन्दु हरिश्चंद्र ने रसखान की कृष्ण भक्ति और उनकी काव्य रचनाओं की प्रशंसा में यह कथन कहा था। |
| 4 | अपने पदों में कृष्ण का लीला गान किसने किया है? | (c) रसखान | रसखान ने अपने पदों में श्रीकृष्ण की लीलाओं का भावपूर्ण गान किया है। |
| 5 | रसखान किस छंद में सिद्ध थे? | (d) सवैया | रसखान सवैया छंद में विशेष रूप से सिद्ध थे, जो उनकी काव्य शैली की विशेषता है। |
| 6 | ‘प्रेम बरन’ रसखान ने किसे कहा है? | (d) कृष्ण को | रसखान ने ‘प्रेम बरन’ में श्रीकृष्ण की भक्ति और प्रेम का वर्णन किया है। |
| 7 | ‘तिहुँपुर’ शब्द का अर्थ क्या है? | (c) तीनों लोक | ‘तिहुँपुर’ का अर्थ तीनों लोक (स्वर्ग, पृथ्वी, और पाताल) है। |
| 8 | रसखान का मूल नाम था: | (a) सैयद इब्राहीम | रसखान का मूल नाम सैयद इब्राहीम था, जो बाद में कृष्ण भक्ति के कारण रसखान के नाम से प्रसिद्ध हुए। |
| 9 | दानलीला किसकी रचना है? | (b) रसखान की | ‘दानलीला’ रसखान की रचना है, जिसमें कृष्ण की लीलाओं का वर्णन है। |
| 10 | कुंजन का अर्थ क्या है? | (b) बगीचा | ‘कुंजन’ का अर्थ बगीचा या उपवन है, जो रसखान की कविताओं में अक्सर कृष्ण की लीलाओं के संदर्भ में आता है। |
| 11 | सुजान रसखान में किसकी भक्ति का वर्णन है? | (b) कृष्ण की | ‘सुजान रसखान’ में श्रीकृष्ण की भक्ति का भावपूर्ण वर्णन किया गया है। |
| 12 | रसखान की काव्यभाषा है: | (b) ब्रजभाषा | रसखान ने अपनी कविताएँ ब्रजभाषा में लिखीं, जो उनकी भक्ति कविता की मुख्य भाषा थी। |
| 13 | स्वच्छंद काव्यधारा का प्रवर्तक कौन है? | (a) रसखान | रसखान को स्वच्छंद काव्यधारा का प्रवर्तक माना जाता है, क्योंकि उनकी भक्ति रीतिमुक्त थी। |
| 14 | अयनि का अर्थ है: | (d) आँख | ‘अयनि’ का अर्थ आँख है, जो रसखान की कविताओं में प्रेम और भक्ति के संदर्भ में प्रयोग होता है। |
| 15 | कवि रसखान किस राजवंश में उत्पन्न हुए थे? | (b) पठान राजवंश में | रसखान का जन्म पठान राजवंश में हुआ था। |
| 16 | रसखान के रचनाकाल के समय किसका राज्यकाल था? | (a) अकबर | रसखान के रचनाकाल के समय अकबर का शासनकाल था। |
| 17 | कौन-सी कृति रसखान की नहीं है? | (a) प्रेम-फुलवारी | ‘प्रेम-फुलवारी’ रसखान की कृति नहीं है; उनकी प्रमुख कृतियाँ ‘प्रेमवाटिका’ और ‘सुजान रसखान’ हैं। |
| 18 | किसने कहा था- “इन मुसलमान हरिजनन पै कोटि हिन्दू वारिये”? | (b) भारतेन्दु हरिश्चंद्र | यह कथन भारतेन्दु हरिश्चंद्र ने रसखान की भक्ति और काव्य की प्रशंसा में कहा था। |
| 19 | ‘मनमानिक’ में कौन-सा अलंकार है? | (c) रूपक | ‘मनमानिक’ में रूपक अलंकार का प्रयोग हुआ है, जो रसखान की काव्य शैली में प्रचलित है। |
| 20 | ‘रसखान’ को पुष्टि मार्ग की किसने दीक्षा दी? | (c) गोस्वामी विट्ठलनाथ | गोस्वामी विट्ठलनाथ ने रसखान को पुष्टिमार्ग की दीक्षा दी थी। |
| 21 | ‘रसखान’ किस काल के कवि हैं? | (d) भक्तिकाल | रसखान भक्तिकाल के कवि हैं, जो सगुण भक्ति (कृष्ण भक्ति) के लिए प्रसिद्ध हैं। |
| 22 | रसखान दिल्ली के बाद कहाँ चले गए? | (b) ब्रजभूमि | रसखान दिल्ली छोड़कर ब्रजभूमि चले गए, जहाँ वे कृष्ण भक्ति में लीन हुए। |
| 23 | रसखान की भक्ति कैसी थी? | (a) सगुण | रसखान की भक्ति सगुण थी, जो श्रीकृष्ण के साकार रूप की भक्ति पर आधारित थी। |
| 24 | रसखान हिन्दी के लोकप्रिय कवि हैं: | (b) धार्मिक | रसखान धार्मिक (कृष्ण भक्ति) कवि के रूप में लोकप्रिय हैं। |
| 25 | स्वामी विट्ठलनाथ ने रसखान को कहाँ दीक्षा दी? | (c) पुष्टिमार्ग में | स्वामी विट्ठलनाथ ने रसखान को पुष्टिमार्ग में दीक्षा दी थी। |
| 26 | रसखान ने श्रीकृष्ण का लीलागान किसमें किया है? | (d) इन सभी में | रसखान ने सवैयों, सोरठों, और पदों में श्रीकृष्ण का लीलागान किया है। |
| 27 | आधुनिक काल के साहित्यकार हैं: | (d) भारतेन्दु हरिश्चंद्र | भारतेन्दु हरिश्चंद्र आधुनिक काल के साहित्यकार हैं, जबकि रसखान भक्तिकाल के हैं। |
| 28 | ‘प्रेम-वरन’ का अर्थ है: | (a) प्रेम का वर्णन करना | ‘प्रेम-वरन’ का अर्थ प्रेम का वर्णन करना है, जो रसखान की कविताओं में कृष्ण भक्ति के संदर्भ में है। |
| 29 | ‘माली-मालिन’ कौन-सा समास है? | (c) तत्पुरुष | ‘माली-मालिन’ तत्पुरुष समास है, जिसमें माली और मालिन का संबंध सहायक है। |
| 30 | डॉ. विजयेन्द्र के अनुसार रसखान की मृत्यु कब हुई? | (b) 1618 ई० में | डॉ. विजयेन्द्र के अनुसार, रसखान की मृत्यु 1618 में हुई थी। |
| 31 | ‘रसखान’ का जन्म कब हुआ? | (c) 1535 ई० में | रसखान का जन्म 1535 में हुआ था। |
| 32 | ‘दो सौ बावन वैष्णवन की वार्ता’ के आधार पर रसखान का जन्म कहाँ हुआ था? | (c) उत्तर प्रदेश | इस ग्रंथ के अनुसार, रसखान का जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ था। |
| 33 | ‘प्रेम अयनि श्री राधिका’ में कितने दोहे संकलित हैं? | (c) चार | इस रचना में चार दोहे संकलित हैं। |
| 34 | ‘करील के कुंजन ऊपर वारौं’ के अंतर्गत कितने सवैया संकलित हैं? | (c) तीन | इस रचना में तीन सवैया संकलित हैं। |
| 35 | ‘दानलीला’ में कितने छंद संकलित हैं? | (b) ग्यारह | ‘दानलीला’ में ग्यारह छंद संकलित हैं। |
| 36 | ‘राधा-कृष्ण’ के संवाद को किस पद्य-प्रबंध में संकलित किया गया है? | (c) दानलीला | ‘दानलीला’ में राधा-कृष्ण के संवाद को संकलित किया गया है। |
| 37 | ‘मालिन-माली’ किसे कहा गया है? | (a) राधा-कृष्ण | ‘मालिन-माली’ राधा और कृष्ण को संबोधित करता है। |
| 38 | इस पाठ में ‘चितचोर’ (चोर) किसे कहा गया है? | (b) कृष्ण को | ‘चितचोर’ श्रीकृष्ण को कहा गया है, जो उनकी मनमोहक लीलाओं का प्रतीक है। |
| 39 | रसखान किस विषय में सिद्ध थे? | (a) सवैया-छंद में | रसखान सवैया छंद में विशेष रूप से सिद्ध थे। |
| 40 | ‘सुजान रसखान’ किनकी रचना है? | (b) रसखान की | ‘सुजान रसखान’ रसखान की प्रमुख रचना है। |
| 41 | सवैया एवं छंद के सिद्ध कवि थे: | (a) रसखान | रसखान सवैया और छंद में अपनी काव्य सिद्धि के लिए प्रसिद्ध थे। |
| 42 | सम्प्रदायमुक्त कृष्ण भक्त कवि कौन थे? | (a) रसखान | रसखान सम्प्रदायमुक्त कृष्ण भक्त कवि थे, जिनकी भक्ति स्वच्छंद थी। |
| 43 | ‘रसखान’ की कृति है: | (a) प्रेम वाटिका | ‘प्रेम वाटिका’ रसखान की प्रमुख कृति है। |
| 44 | ‘प्रीतम नन्दकिशोर, जा दिन तें नैननि लग्यौ। मन पावन चितचोर, पलक ओट नहीं करि सकौं।’ यह पंक्ति किस कविता से है? | (c) प्रेम-अयनि श्री राधिका | यह पंक्ति ‘प्रेम-अयनि श्री राधिका’ से है, जो रसखान की रचना है। |
| 45 | कवि रसखान किसके परम भक्त हैं? | (a) कृष्ण के | रसखान श्रीकृष्ण के परम भक्त थे। |
| 46 | “प्रेम अयनि श्री राधिका” शीर्षक छंद किस ग्रंथ से संकलित है? | (a) ‘प्रेमवाटिका’ से | यह छंद ‘प्रेमवाटिका’ से संकलित है। |
3. (1) अति सूधो सनेह को मारग है
(ii) मो अँसुवनिहिं लै बरसौ
| क्रम संख्या | प्रश्न | सही उत्तर | व्याख्या (स्पष्टीकरण) |
| 1 | ‘सयानप’ शब्द का अर्थ है: | (c) चतुराई | ‘सयानप’ का अर्थ चतुराई या बुद्धिमानी है, जो घनानंद की कविता में प्रेम के संदर्भ में प्रयोग हुआ है। |
| 2 | ‘परसौ’ शब्द का अर्थ है: | (c) कल के बाद आना | ‘परसौ’ का अर्थ परसों यानी कल के बाद का दिन है। |
| 3 | विराग होने पर कवि घनानंद कहाँ चले गए? | (d) वृंदावन | घनानंद विराग (वैराग्य) होने पर वृंदावन चले गए, जो उनकी प्रेम और भक्ति की तलाश को दर्शाता है। |
| 4 | ‘निसाँक’ शब्द का अर्थ है: | (b) शंकामुक्त | ‘निसाँक’ का अर्थ शंकामुक्त या निःशंक है, जो बिना किसी संदेह के भाव को दर्शाता है। |
| 5 | मथुरा और वृंदावन पर धावा किसने बोला? | (d) नादिर शाह के सिपाहियों ने | नादिर शाह के सिपाहियों ने मथुरा और वृंदावन पर धावा बोला था। |
| 6 | नादिरशाह के सैनिकों द्वारा घनानंद कब मारे गए थे? | (a) 1739 ई० में | घनानंद की मृत्यु 1739 में नादिर शाह के सैनिकों द्वारा हुई थी। |
| 7 | घनानंद किस धारा के कवि हैं? | (b) रीतिमुक्त धारा | घनानंद रीतिमुक्त धारा के कवि हैं, जो स्वच्छंद और भावपूर्ण काव्य रचते थे। |
| 8 | घनानंद (घन आनंद) किस काल के कवि हैं? | (c) रीतिकाल | घनानंद रीतिकाल के कवि हैं, जो अपनी प्रेममयी और रीतिमुक्त रचनाओं के लिए प्रसिद्ध हैं। |
| 9 | ‘सुजानसागर’ किसकी कृति है? | (b) घनानंद | ‘सुजानसागर’ घनानंद की प्रमुख रचना है, जिसमें उनकी प्रेम वेदना व्यक्त हुई है। |
| 10 | किसे ‘प्रेम की पीर’ का कवि कहा जाता है? | (c) घनानंद | घनानंद को उनकी प्रेम और विरह की गहन अभिव्यक्ति के कारण ‘प्रेम की पीर’ का कवि कहा जाता है। |
| 11 | ‘लाक्षणिक मूर्तिमत्ता और प्रयोग वैचित्र्य’ के कवि कौन हैं? | (d) घनानंद | घनानंद अपनी लाक्षणिक मूर्तिमत्ता और काव्य में प्रयोग वैचित्र्य के लिए जाने जाते हैं। |
| 12 | रीतिमुक्त काव्यधारा के सिरमौर कवि किसे कहा जाता है? | (b) घनानंद | घनानंद को रीतिमुक्त काव्यधारा का सिरमौर माना जाता है। |
| 13 | घनानंद की भाषा क्या है? | (b) ब्रजभाषा | घनानंद ने अपनी रचनाएँ ब्रजभाषा में लिखीं, जो उनकी काव्य शैली की विशेषता है। |
| 14 | ‘प्रेमधन’ किस युग के कवि थे? | (c) भारतेन्दु युग | प्रेमधन (बदरीनारायण चौधरी) भारतेन्दु युग के कवि थे। |
| 15 | कवि ‘प्रेमधन’ के अनुसार भारत में आज कौन-सी वस्तु दिखाई नहीं पड़ती? | (a) भारतीयता | प्रेमधन के अनुसार, भारत में भारतीयता की कमी दिखाई पड़ती है। |
| 16 | घनानंद किससे प्रेम करते थे? | (c) सुजान नामक नर्तकी से | घनानंद का प्रेम सुजान नामक नर्तकी से था, जो उनकी कविताओं का केंद्रीय विषय है। |
| 17 | घनानंद कवि हैं: | (a) पीर के | घनानंद को प्रेम और विरह की पीड़ा (पीर) के कवि के रूप में जाना जाता है। |
| 18 | घनानंद रचित अत्यंत प्रसिद्ध क्या है? | (d) सवैया और घनाक्षरी | घनानंद की सवैया और घनाक्षरी रचनाएँ अत्यंत प्रसिद्ध हैं। |
| 19 | परहित्त के लिए देह कौन धारण करता है? | (b) धरती | घनानंद के काव्य में धरती को परहित के लिए देह धारण करने वाला बताया गया है। |
| 20 | कवि अपने आँसुओं को कहाँ पहुँचाना चाहता है? | (a) सुजान के आँगन में | घनानंद अपनी प्रेम वेदना के आँसुओं को सुजान के आँगन में पहुँचाना चाहते हैं। |
| 21 | ‘निःस्वार्थ भाव से, निश्चल होकर अपने को समर्पित कर देना’ किसका कथन है? | (b) घनानंद का | यह कथन घनानंद का है, जो उनके प्रेम के निःस्वार्थ और निश्चल स्वरूप को दर्शाता है। |
| 22 | घनानंद की महत्त्वपूर्ण रचना है: | (c) सुजानसागर | ‘सुजानसागर’ घनानंद की महत्वपूर्ण रचना है। |
| 23 | ‘घनानंद ग्रंथावली’ का सम्पादन किसने किया था? | (d) विश्वनाथ मिश्र | ‘घनानंद ग्रंथावली’ का सम्पादन विश्वनाथ मिश्र ने किया था। |
| 24 | घनानंद की कीर्ति का आधार है: | (c) ‘a’ और ‘b’ दोनों | घनानंद की कीर्ति ‘सुजानहित’ और ‘घन आनंद कवित्त’ दोनों पर आधारित है। |
| 25 | ‘मो अँसुवनिहिं लै बरसौ’ में किसकी बात कही गई है? | (c) ‘a’ और ‘b’ दोनों | इस पंक्ति में प्रेम और विरह दोनों की वेदना व्यक्त की गई है। |
| 26 | घनानंद के अनुसार, ‘प्रेम का मार्ग’ कैसा होता है? | (b) कठिन और जटिल | घनानंद प्रेम के मार्ग को कठिन और जटिल मानते हैं। |
| 27 | कवि प्रेममार्ग को ‘अति सूधो’ कहता है क्योंकि: | (d) उपर्युक्त सभी | प्रेममार्ग को ‘अति सूधो’ कहने का कारण चतुराई, कपट, और घमंड का अभाव है। |
| 28 | घनानंद किनके द्वारा मारे गए? | (c) नादिरशाह के सैनिकों द्वारा | घनानंद की मृत्यु नादिरशाह के सैनिकों द्वारा हुई थी। |
| 29 | ‘घनानंद’ की मृत्यु कब हुई? | (b) 1739 ई० में | घनानंद की मृत्यु 1739 में हुई थी। |
| 30 | कवि ने ‘परजन्य’ किसे कहा है? | (c) बादल | ‘परजन्य’ का अर्थ बादल है, जो घनानंद की कविता में प्रतीकात्मक रूप से प्रयुक्त है। |
| 31 | घनानंद का जन्म हुआ था: | (a) 1689 ई० के आस-पास | घनानंद का जन्म 1689 के आसपास हुआ था। |
| 32 | ‘रज’ का अर्थ है: | (a) धूल | ‘रज’ का अर्थ धूल है, जो काव्य में प्रायः प्रतीकात्मक रूप में आता है। |
| 33 | ‘विरहलीला’ किनकी रचना है? | (a) घनानंद की | ‘विरहलीला’ घनानंद की रचना है, जिसमें उनकी विरह वेदना व्यक्त हुई है। |
| 34 | ऐकांतिक और एकांगी प्रेम के कवि हैं: | (a) घनानंद | घनानंद ऐकांतिक और एकांगी प्रेम के कवि हैं, जो सुजान के प्रति उनकी भक्ति को दर्शाता है। |
| 35 | शंकालु हृदय नहीं कर सकता: | (b) प्रेम | घनानंद के अनुसार, शंकालु हृदय प्रेम नहीं कर सकता। |
| 36 | घनानंद की भाषा है: | (d) (a) और (b) दोनों | घनानंद की भाषा शुद्ध और परिष्कृत ब्रजभाषा है। |
| 37 | ‘अति सूधो सनेह को मारग है, जहाँ नेकु सयानप बाँक नहीं।’ यह पंक्ति किस कवि की है? | (d) घनानंद | यह पंक्ति घनानंद की है, जो प्रेम के मार्ग की सादगी को दर्शाती है। |
| 38 | घनानंद कवि हैं: | (a) रीतिमुक्त | घनानंद रीतिमुक्त कवि हैं, जो स्वच्छंद और भावपूर्ण काव्य रचते थे। |
| 39 | ‘मो अँसुवनिहिं लै बरसौ’ कौन कहते हैं? | (c) घनानंद | यह पंक्ति घनानंद की है, जो उनकी प्रेम वेदना को व्यक्त करती है। |
| 40 | घनानंद ने किस मार्ग को अत्यंत सीधा व सरल कहा है? | (b) प्रेम | घनानंद ने प्रेम के मार्ग को अत्यंत सीधा और सरल कहा है। |
| 41 | मीर मुंशी द्वारा जानकर किस कवि का वध किया गया? | (b) घनानंद का | मीर मुंशी के आदेश पर घनानंद का वध हुआ था। |
| 42 | वियोग में सच्चा प्रेमी जो वेदना सहता है, उसके चित्त में जो विभिन्न तरंगें उठती हैं का चित्रण किया है: | (a) घनानंद ने | घनानंद ने वियोग और प्रेम की वेदना का गहन चित्रण किया है। |
4. स्वदेशी
| क्रम संख्या | प्रश्न | सही उत्तर | व्याख्या (स्पष्टीकरण) |
| 1 | ‘हाटक मैं देखहु भरा, बसे अंगरेजी माल’ पंक्ति के कवि हैं: | (b) प्रेमघन | यह पंक्ति प्रेमघन की कविता ‘स्वदेशी’ से है, जिसमें वे विदेशी प्रभाव की आलोचना करते हैं। |
| 2 | किसने ‘जीर्ण जनपद’ नामक एक काव्य लिखा, जिसमें ग्रामीण जीवन का यथार्थवादी चित्रण है? | (c) बदरीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ ने | ‘जीर्ण जनपद’ प्रेमघन की कृति है, जो ग्रामीण जीवन की यथार्थवादी तस्वीर प्रस्तुत करती है। |
| 3 | “अंग्रेजी बाहन, बसन, वेष रीति औ नीति।” यह पंक्ति किस शीर्षक कविता की है? | (b) स्वदेशी | यह पंक्ति प्रेमघन की कविता ‘स्वदेशी’ से है, जो अंग्रेजी प्रभाव की आलोचना करती है। |
| 4 | “मनुज भारती देखि कोउ, सकत नहीं पहिचान” यह पंक्ति किस कविता से है? | (b) स्वदेशी | यह पंक्ति भी ‘स्वदेशी’ कविता से है, जिसमें भारतीय पहचान के खोने का दुख व्यक्त है। |
| 5 | भारतेन्दु युग के कवि कौन हैं? | (a) प्रेमघन | प्रेमघन (बदरीनारायण चौधरी) भारतेन्दु युग के प्रमुख कवि थे। |
| 6 | “बोली सकत हिंदी नहीं, अब मिलि हिंदू लोग। अंगरेजी भाखन करत, अंगरेजी की उपभोग ॥” किस शीर्षक कविता की पंक्ति है? | (b) स्वदेशी | यह पंक्ति ‘स्वदेशी’ कविता से है, जो भारतीयों के अंग्रेजी प्रभाव में आने की आलोचना करती है। |
| 7 | बदरीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ किस प्रकार के गद्य लिखते थे? | (b) कलात्मक एवं अलंकृत | प्रेमघन का गद्य कलात्मक और अलंकृत था, जो उनकी साहित्यिक शैली की विशेषता है। |
| 8 | ग्रामीण जीवन का यथार्थवादी चित्रण ‘प्रेमघन’ रचित किस काव्य में है? | (c) जीर्ण जनपद में | ‘जीर्ण जनपद’ में प्रेमघन ने ग्रामीण जीवन का यथार्थवादी चित्रण किया है। |
| 9 | “ठटे विदेसी ठाट सब, बन्यों देस बिदेस। सपनेहूँ जिनमें न कहूँ, भारतीयता लेस।” यह पंक्ति किस शीर्षक कविता से हैं? | (b) स्वदेशी | यह पंक्ति ‘स्वदेशी’ से है, जिसमें भारतीयता के लोप पर चिंता व्यक्त की गई है। |
| 10 | ‘प्रेमघन’ किस युग के साहित्यकार थे? | (c) भारतेन्दु युग | प्रेमघन भारतेन्दु युग के साहित्यकार थे, जो राष्ट्रीय चेतना और स्वदेशी भावना को बढ़ावा देते थे। |
| 11 | ‘जीर्ण जनपद’ किसकी कृति है? | (a) प्रेमघन | ‘जीर्ण जनपद’ प्रेमघन की रचना है, जो ग्रामीण जीवन की स्थिति को दर्शाती है। |
| 12 | ‘स्वदेशी’ शीर्षक पाठ्यपुस्तक में संकलित कविता किस छंद में है? | (b) दोहा | ‘स्वदेशी’ कविता दोहा छंद में लिखी गई है। |
| 13 | ‘बिदेसी’ से कवि का क्या तात्पर्य है? | (d) इनमें से कोई नहीं | ‘बिदेसी’ से प्रेमघन का तात्पर्य अंग्रेजों से है, जो विकल्पों में स्पष्ट नहीं है, लेकिन संदर्भ अंग्रेजी प्रभाव को दर्शाता है। |
| 14 | ‘स्वदेशी’ शीर्षक पाठ में दोहों का संकलन किस पुस्तक से लिया गया है? | (a) प्रेमधन सर्वस्व | ‘स्वदेशी’ के दोहे ‘प्रेमधन सर्वस्व’ से लिए गए हैं। |
| 15 | ‘प्रेमघन’ ने किस समाज की रचना की? | (c) रसिक समाज | प्रेमघन ने रसिक समाज की स्थापना की थी। |
| 16 | ‘प्रेमघन’ का जन्म हुआ था: | (a) मिर्जापुर में | प्रेमघन का जन्म मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था। |
| 17 | ‘प्रेमघन’ की काव्य कृति है: | (d) इनमें सभी | ‘आनन्द अरुणोदय’, ‘हार्दिक हर्षादर्श’, और ‘जीर्ण जनपद’ सभी प्रेमघन की कृतियाँ हैं। |
| 18 | ‘अन’ नाम से इन्होंने किस भाषा में कविता की रचना की? | (b) हिन्दी | प्रेमघन ने ‘अन’ नाम से हिंदी में कविता रची। |
| 19 | कवि के अनुसार भारतीय को क्या अच्छा लगने लगा था? | (d) इनमें सभी | प्रेमघन के अनुसार, भारतीयों को विदेशी चाल-चलन, वेशभूषा, और रहन-सहन अच्छा लगने लगा था। |
| 20 | कवि समाज की किस वर्ग की आलोचना करता है? | (b) विलासिता भोगी | प्रेमघन ने विलासिता भोगी वर्ग की आलोचना की, जो विदेशी प्रभाव में डूबा था। |
| 21 | ‘प्रेमघन’ का जन्म कब हुआ? | (b) 1855 ई० में | प्रेमघन का जन्म 1855 में हुआ था। |
| 22 | ‘प्रेमघन’ की मृत्यु कब हुई? | (c) 1922 ई० में | प्रेमघन की मृत्यु 1922 में हुई थी। |
| 23 | ‘स्वदेशी’ के लेखक हैं: | (b) प्रेमघन | ‘स्वदेशी’ कविता के लेखक बदरीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ हैं। |
| 24 | ‘प्रेमघन’ ने साप्ताहिक किस पत्रिका का सम्पादन किया? | (b) नागरी नीरद | प्रेमघन ने ‘नागरी नीरद’ साप्ताहिक पत्रिका का सम्पादन किया। |
| 25 | ‘प्रेमघन’ की प्रसिद्ध नाट्यकृति कौन-सी है? | (c) बृजचन्द पंचक | ‘बृजचन्द पंचक’ प्रेमघन की प्रसिद्ध नाट्यकृति है। |
| 26 | ‘प्रेमघन’ ने इनमें से किस मासिक पत्रिका का सम्पादन किया? | (c) आनंदकादम्बिनी | प्रेमघन ने ‘आनंदकादम्बिनी’ मासिक पत्रिका का सम्पादन किया। |
| 27 | ‘प्रेमघन’ ने मुख्य रूप से किस भाषा में काव्य रचना की? | (b) देवनागरी | प्रेमघन ने मुख्य रूप से देवनागरी (हिंदी) में काव्य रचना की। |
| 28 | पराधीन भारत में चारों वर्णों में चाह थी: | (b) दासवृत्ति | प्रेमघन के अनुसार, पराधीन भारत में चारों वर्णों में दासवृत्ति की चाह बढ़ गई थी। |
| 29 | प्रेमधन साहित्य सम्मेलन के किस अधिवेशन के सभापति बने? | (c) काशी के | प्रेमघन काशी के साहित्य सम्मेलन के अधिवेशन के सभापति बने थे। |
| 30 | प्रेमधन के काव्य में प्राप्त होता है: | (d) इनमें सभी | प्रेमघन के काव्य में भक्ति भावना, समाजदशा, और देशप्रेम सभी प्राप्त होते हैं। |
| 31 | ‘रीत’ का अर्थ है: | (a) पद्धति | ‘रीत’ का अर्थ पद्धति या तरीका है, जो प्रेमघन की कविता में विदेशी प्रभाव के संदर्भ में है। |
| 32 | ‘भारतीयता का सर्वथा लोप’ हो गया। इस बात का किसे दुःख है? | (a) प्रेमधन को | प्रेमघन को भारतीयता के लोप का गहरा दुख था। |
| 33 | भारत की अर्थव्यवस्था जर्जर हो गई, कैसे? | (a) अँग्रेजी नीति के कारण | प्रेमघन के अनुसार, अंग्रेजी नीतियों के कारण भारत की अर्थव्यवस्था जर्जर हो गई। |
| 34 | भारतीयों में आस्था नहीं रह गई है: | (a) अपनी संस्कृति | प्रेमघन के अनुसार, भारतीयों में अपनी संस्कृति के प्रति आस्था नहीं रह गई थी। |
| 35 | सबै बिदेसी नर गति रति रीत लखात: | (a) वस्तु | इस पंक्ति में ‘वस्तु’ का अर्थ विदेशी वस्तुओं से है, जो भारतीयों द्वारा अपनाई जा रही थीं। |
| 36 | भारतीय किस तरह से अँग्रेजी के दास हो गए हैं? | (d) (a) एवं (b) दोनों से | भारतीय तन और मन दोनों से अंग्रेजी प्रभाव के दास हो गए थे। |
| 37 | बदरीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ की रचनाएँ किस नाम से संगृहीत हैं? | (b) प्रेमघन सर्वस्व | प्रेमघन की रचनाएँ ‘प्रेमघन सर्वस्व’ में संगृहीत हैं। |
| 38 | दास-वृत्ति की चाह चहूँ चारहु बरन बढ़ाली: | (c) दिसि | इस पंक्ति में ‘दिसि’ का अर्थ दिशा है, जो दासवृत्ति की व्यापकता को दर्शाता है। |
| 39 | कवि ने समाज के किस वर्ग की आलोचना की है: | (c) सुविधा भोगी वर्ग की | प्रेमघन ने सुविधा भोगी वर्ग की आलोचना की, जो विदेशी प्रभाव में डूबा था। |
| 40 | ‘प्रेमघन’ अपना आदर्श किसे मानते हैं? | (d) भारतेंदु हरिश्चन्द्र | प्रेमघन भारतेंदु हरिश्चंद्र को अपना आदर्श मानते थे। |
| 41 | ‘हिन्दुस्तानी नाम सुनि, अब ये सकुचि लजात’ पंक्ति किस कविता से उद्धृत है? | (d) स्वदेशी | यह पंक्ति ‘स्वदेशी’ कविता से है, जो भारतीय पहचान के प्रति लज्जा को दर्शाती है। |
| 42 | ‘स्वदेशी’ शीर्षक पाठ के रचनाकार हैं: | (d) प्रेमधन | ‘स्वदेशी’ के रचनाकार प्रेमधन (बदरीनारायण चौधरी) हैं। |
| 43 | ‘स्वदेशी’ पाठ के अनुसार अब हिंदू लोग मिलने पर आपस में किस भाषा में बात नहीं करते? | (c) हिन्दी | ‘स्वदेशी’ के अनुसार, हिंदू लोग अब आपस में हिंदी में बात नहीं करते, बल्कि अंग्रेजी का प्रयोग करते हैं। |
| 44 | ‘प्रयाग रामागमन’ शीर्षक नाटक किसकी रचना है? | (d) बदरीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ | ‘प्रयाग रामागमन’ प्रेमघन की नाट्यकृति है। |
| 45 | ‘भारत सौभाग्य’ किनका प्रसिद्ध नाटक है? | (b) प्रेमघन का | ‘भारत सौभाग्य’ प्रेमघन का प्रसिद्ध नाटक है। |
| 46 | कवि प्रेमघन के अनुसार विदेशी विद्या पढ़कर लोगों की बुद्धि कौन-सी हो गई है? | (c) विदेशी विद्या | प्रेमघन के अनुसार, विदेशी विद्या पढ़कर लोगों की बुद्धि विदेशी प्रभाव में आ गई थी। |
5. भारतमाता
| क्रम संख्या | प्रश्न | सही उत्तर | व्याख्या (स्पष्टीकरण) |
| 1 | सुमित्रानंदन पंत किस वाद के कवि हैं? | (a) छायावाद के | सुमित्रानंदन पंत छायावाद के प्रमुख कवि हैं, जो प्रकृति और मानव भावनाओं की सूक्ष्म अभिव्यक्ति के लिए जाने जाते हैं। |
| 2 | सुमित्रानंदन पंत का जन्म किस राज्य में हुआ था? | (d) उत्तरांचल (उत्तराखंड) में | पंत का जन्म उत्तराखंड के कौसानी, अल्मोड़ा में हुआ था। |
| 3 | कवि सुमित्रानंदन पंत समाजवाद से किस दर्शन की ओर प्रवृत्त हुए? | (b) अरविंद दर्शन | पंत समाजवाद से अरविंद दर्शन की ओर आकर्षित हुए, जो आध्यात्मिक और समग्र विकास पर केंद्रित है। |
| 4 | ‘ग्राम्या’ किसकी रचना है? | (d) सुमित्रानंदन पंत | ‘ग्राम्या’ पंत की रचना है, जिसमें ग्रामीण जीवन और प्रकृति का चित्रण है। |
| 5 | सुमित्रानंदन पंत ने ‘मिट्टी की प्रतिमा उदासिनी’ किसे कहा है? | (b) भारतमाता को | पंत ने ‘भारतमाता’ को मिट्टी की उदासिनी प्रतिमा कहा, जो देश की दयनीय स्थिति को दर्शाता है। |
| 6 | ‘युगपथ’ किस कवि की रचना है? | (b) सुमित्रानंदन पंत | ‘युगपथ’ पंत की रचना है, जो उनके प्रगतिशील विचारों को व्यक्त करती है। |
| 7 | ‘तीस कोटि सन्तान नग्न तन,’ यह पंक्ति किस शीर्षक कविता की है? | (a) भारतमाता | यह पंक्ति पंत की कविता ‘भारतमाता’ से है, जो भारत की दरिद्रता को दर्शाती है। |
| 8 | कवि सुमित्रानंदन पंत के अनुसार कौन अपने घर में प्रवासिनी बनी हुई है? | (c) भारतमाता | पंत ने भारतमाता को अपने ही देश में प्रवासिनी (परदेशी) बताया है। |
| 9 | ‘गुंजन’ किस कवि की रचना है? | (b) सुमित्रानंदन पंत | ‘गुंजन’ पंत की काव्य रचना है, जिसमें प्रकृति और भावनाओं का समन्वय है। |
| 10 | सुमित्रानंदन पंत किस युग के कवि हैं? | (c) छायावाद युग | पंत छायावाद युग के कवि हैं, जो 1918-1938 के बीच सक्रिय थे। |
| 11 | पंत को किस रचना पर ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हुआ है? | (a) चिदम्बरा | पंत को उनकी रचना ‘चिदम्बरा’ के लिए 1968 में ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला। |
| 12 | ‘भारतमाता’ शीर्षक प्रगीत पंत के किस काव्य संकलन से लिया गया है? | (c) युगवाणी | ‘भारतमाता’ कविता ‘युगवाणी’ संकलन से ली गई है। |
| 13 | ‘ग्राम्या’ काव्य-संकलन की कविताओं पर किसका प्रभाव है? | (b) अरविंद का | ‘ग्राम्या’ पर अरविंद दर्शन का प्रभाव है, जो आध्यात्मिकता और प्रकृति का समन्वय दर्शाता है। |
| 14 | ‘प्रकृति का सुकुमार कवि’ किसे कहा जाता है? | (d) पंत | पंत को उनकी प्रकृति-प्रेमी और कोमल काव्य शैली के कारण ‘प्रकृति का सुकुमार कवि’ कहा जाता है। |
| 15 | भारतमाता के संबंध में क्या सही है? | (c) ग्रामवासिनी | पंत ने भारतमाता को ग्रामवासिनी के रूप में चित्रित किया है। |
| 16 | ‘शरविंदुहासिनी’ कौन है? | (d) भारतमाता | ‘शरविंदुहासिनी’ भारतमाता के लिए प्रयुक्त है, जो उनकी शांत और सुंदर छवि को दर्शाता है। |
| 17 | ‘गीता प्रकाशिनी’ किसके लिए प्रयुक्त है? | (d) भारतमाता | ‘गीता प्रकाशिनी’ भारतमाता के लिए प्रयुक्त है, जो उनके आध्यात्मिक महत्व को दर्शाता है। |
| 18 | ‘शरतेन्दु’ का शाब्दिक अर्थ है: | (d) शरद ऋतु का चन्द्रमा | ‘शरतेन्दु’ का अर्थ शरद ऋतु का चन्द्रमा है। |
| 19 | ‘क्रंदन’ का अर्थ है: | (a) रोना | ‘क्रंदन’ का अर्थ रोना या विलाप करना है। |
| 20 | ‘तप-संयम’ कौन-सा समास है? | (d) द्वन्द्व | ‘तप-संयम’ द्वन्द्व समास है, जिसमें दो समान महत्व के शब्द जुड़े हैं। |
| 21 | ‘पंत’ का जन्म कब हुआ था? | (a) 1900 ई० में | सुमित्रानंदन पंत का जन्म 20 मई 1900 को हुआ था। |
| 22 | ‘पंत’ की मृत्यु कब हुई? | (b) 29 दिसम्बर, 1977 को | पंत की मृत्यु 29 दिसंबर 1977 को हुई थी। |
| 23 | ‘पंत’ का जन्म कहाँ हुआ था? | (b) कौसानी, अल्मोड़ा | पंत का जन्म कौसानी, अल्मोड़ा (उत्तराखंड) में हुआ था। |
| 24 | ‘पंत’ ने महाकाव्य लिखा: | (c) लोकायतन | पंत का महाकाव्य ‘लोकायतन’ है, जो उनकी प्रमुख रचना है। |
| 25 | ‘पंत’ के पिताजी का क्या नाम था? | (d) गंगादत्त पंत | पंत के पिता का नाम गंगादत्त पंत था। |
| 26 | ‘पंत’ के माताजी का क्या नाम था? | (b) सरस्वती देवी | पंत की माता का नाम सरस्वती देवी था। |
| 27 | पंत ने 1916 में किस शीर्षक से कविता लिखी? | (a) गिरजे का घंटा | पंत ने 1916 में ‘गिरजे का घंटा’ शीर्षक से कविता लिखी थी। |
| 28 | ‘गंगा-यमुना’ को कवि ने किसके मानक के रूप में प्रस्तुत किया है? | (a) भारतमाता के दो हाथों | पंत ने गंगा-यमुना को भारतमाता के दो हाथों के रूप में चित्रित किया है। |
| 29 | ‘तरु-तल-निवासिनी’ के माध्यम से कवि ने भारत के निवासियों का कैसा चित्रण किया है? | (a) दीनता का | पंत ने ‘तरु-तल-निवासिनी’ के माध्यम से भारत के निवासियों की दीनता का चित्रण किया है। |
| 30 | भारत माँ के श्रेष्ठ मुख की तुलना कवि ने किससे की है? | (d) छाया युक्त चंद्र | पंत ने भारतमाता के मुख की तुलना छाया युक्त चंद्र से की है। |
| 31 | भारतमाता कविता में भारत का कैसा चित्र प्रस्तुत किया गया है? | (c) यथातथ्य | ‘भारतमाता’ कविता में भारत का यथातथ्य (वास्तविक) चित्र प्रस्तुत किया गया है। |
| 32 | जातीय अस्मिता की दृष्टि से इतिहास का प्रभाव कैसा है? | (b) अविच्छिन्न | पंत के अनुसार, भारत की जातीय अस्मिता का इतिहास अविच्छिन्न (निरंतर) है। |
| 33 | कवि के अनुसार भारत माता की आँखें हैं: | (a) गंगा-यमुना | पंत ने भारतमाता की आँखों की तुलना गंगा-यमुना से की है। |
| 34 | ‘युगवाणी’ किसकी काव्यकृति है? | (c) सुमित्रानंदन पंत की | ‘युगवाणी’ पंत की काव्यकृति है, जिसमें उनकी प्रगतिशील विचारधारा झलकती है। |
| 35 | भारतमाता सारे जग की है: | (b) माँ | पंत ने भारतमाता को सारे जग की माँ के रूप में चित्रित किया है। |
| 36 | सुमित्रानंदन पंत को मानव सौंदर्य ने किस ओर आकृष्ट किया? | (a) अध्यात्मवाद की ओर | पंत मानव सौंदर्य से प्रभावित होकर अध्यात्मवाद की ओर आकर्षित हुए। |
| 37 | गीता उपदेश देता है: | (a) कर्म का | गीता कर्म के उपदेश पर जोर देती है, जो पंत की कविता में भी परिलक्षित होता है। |
| 38 | भारत माता की आँखें झुकी हुई हैं: | (c) चिन्ता से | पंत के अनुसार, भारतमाता की आँखें चिंता के कारण झुकी हुई हैं। |
| 39 | ‘ग्रामवासिनी’ कौन-सा समास है? | (c) कर्मधारय | ‘ग्रामवासिनी’ कर्मधारय समास है, जिसमें ग्राम और वासिनी का विशेषण-विशेष्य संबंध है। |
| 40 | गंगा-यमुना कौन-सा समास है? | (a) द्वंद्व | ‘गंगा-यमुना’ द्वंद्व समास है, जिसमें दो समान महत्व के शब्द जुड़े हैं। |
| 41 | दैन्य जड़ित अपलक … चितवन: | (c) नत | इस संदर्भ में ‘नत’ (झुकी हुई) सही है, जो भारतमाता की चितवन को दर्शाता है। |
| 42 | कवि सुमित्रानंदन पंत के अनुसार, ‘भारतमाता’ की कितनी संतानें दरिद्रता और अभाव से ग्रसित हैं? | (a) तीस करोड़ | पंत ने ‘भारतमाता’ में तीस करोड़ संतानों को दरिद्रता से ग्रसित बताया है। |
| 43 | भारतमाता कहाँ निवास करती हैं? | (c) गाँव | पंत के अनुसार, भारतमाता गाँवों में निवास करती हैं। |
| 44 | सुमित्रानंदन पंत के अनुसार भारतमाता किसकी मूर्ति हैं? | (a) उदास माटी की | पंत ने भारतमाता को उदास माटी की मूर्ति के रूप में चित्रित किया है। |
| 45 | ‘सफल आज उसका तप संयम, पिला अहिंसा स्तन्य सुधोतम’, प्रस्तुत पंक्ति किस कविता की है? | (b) भारतमाता | यह पंक्ति ‘भारतमाता’ कविता से है, जो भारत की स्वतंत्रता और तप को दर्शाती है। |
6. जनतंत्र का जन्म
| क्रम संख्या | प्रश्न | सही उत्तर | व्याख्या (स्पष्टीकरण) |
| 1 | रामधारी सिंह ‘दिनकर’ का जन्म कहाँ हुआ था? | (a) सिमरिया, बेगूसराय (बिहार) में | दिनकर का जन्म बिहार के बेगूसराय जिले के सिमरिया गाँव में हुआ था। |
| 2 | रामधारी सिंह ‘दिनकर’ किस वाद के प्रमुख कवि हैं? | (c) उत्तर छायावाद | दिनकर उत्तर छायावाद के प्रमुख कवि हैं, जिनके काव्य में राष्ट्रीय चेतना और ओज का समावेश है। |
| 3 | निम्न में कौन ‘राष्ट्रकवि’ हैं? | (d) रामधारी सिंह ‘दिनकर’ | दिनकर को उनके राष्ट्रीय भावना से भरे काव्य के लिए ‘राष्ट्रकवि’ की उपाधि दी गई। |
| 4 | निम्न में से कौन कविता भारत में जनतंत्र के उदय का जयघोष है? | (d) जनतंत्र का जन्म | ‘जनतंत्र का जन्म’ दिनकर की कविता है, जो भारत में लोकतंत्र के उदय का उत्सव मनाती है। |
| 5 | निम्न में से रामधारी सिंह दिनकर की रचना कौन है? | (d) हुंकार | ‘हुंकार’ दिनकर की प्रमुख काव्य रचना है। |
| 6 | ‘उर्वशी’ किसकी कृति है? | (b) दिनकर | ‘उर्वशी’ दिनकर की प्रसिद्ध रचना है, जिसे साहित्य अकादमी और ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला। |
| 7 | दिनकर को साहित्य अकादमी पुरस्कार किस कृति पर मिला? | (c) उर्वशी | दिनकर को ‘उर्वशी’ के लिए 1959 में साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ। |
| 8 | दिनकर को ज्ञानपीठ पुरस्कार किस रचना पर प्राप्त हुआ? | (b) उर्वशी | दिनकर को ‘उर्वशी’ के लिए 1972 में ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला। |
| 9 | दिनकर ने कविता में (‘जनतंत्र का जन्म’ शीर्षक कविता में) ‘दुधमँही’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया है? | (d) जनता के लिए | ‘दुधमँही’ शब्द जनता के लिए प्रयुक्त है, जो जनतंत्र की शक्ति और नवजात स्थिति को दर्शाता है। |
| 10 | दिनकर किस विश्वविद्यालय के उपकुलपति (कुलपति) बनाए गए थे? | (c) भागलपुर विश्वविद्यालय | दिनकर भागलपुर विश्वविद्यालय के उपकुलपति रहे। |
| 11 | जनतंत्र में, कवि के अनुसार राजदण्ड क्या होंगे? | (c) फाँवड़े और हल | दिनकर के अनुसार, जनतंत्र में राजदण्ड फाँवड़े और हल होंगे, जो मेहनतकश वर्ग का प्रतीक हैं। |
| 12 | कवि के अनुसार जनतंत्र के देवता कौन हैं? | (c) किसान-मजदूर | दिनकर ने किसान-मजदूर को जनतंत्र के देवता के रूप में चित्रित किया है। |
| 13 | भारत सरकार ने दिनकर को कौन-सा अलंकरण प्रदान किया? | (d) पद्म विभूषण | दिनकर को भारत सरकार ने 1972 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया। |
| 14 | ‘दिनकर’ की प्रमुख काव्य-कृति है: | (d) इनमें सभी | ‘रेणुका’, ‘रसवंती’, और अन्य रचनाएँ दिनकर की प्रमुख काव्य कृतियाँ हैं। |
| 15 | ‘दिनकर’ की गद्य-कृति है: | (d) इनमें सभी | ‘अर्धनारीश्वर’, ‘वट पीपल’, और ‘दिनकर की डायरी’ उनकी प्रमुख गद्य कृतियाँ हैं। |
| 16 | दिनकर जी के पिता का नाम क्या था? | (a) रवि सिंह | दिनकर के पिता का नाम रवि सिंह था। |
| 17 | ‘दिनकर’ ने अपनी पढ़ाई कहाँ तक की? | (c) एम० ए० ऑनर्स | दिनकर ने एम.ए. (हिंदी) तक की पढ़ाई पूरी की। |
| 18 | ‘दिनकर’ किस कॉलेज के हिन्दी विभागाध्यक्ष के रूप में रहे? | (c) पटना कॉलेज, पटना | दिनकर पटना कॉलेज, पटना के हिंदी विभागाध्यक्ष रहे। |
| 19 | ‘सिंहासन खाली करो कि जनता आती है’ किस कविता की पंक्ति है? | (a) जनतंत्र का जन्म | यह पंक्ति ‘जनतंत्र का जन्म’ कविता से है, जो जनता की शक्ति को दर्शाती है। |
| 20 | ‘दिनकर जी’ का निधन कब हुआ? | (d) 24 अप्रैल, 1974 | दिनकर का निधन 24 अप्रैल 1974 को हुआ। |
| 21 | ‘जनतंत्र का जन्म’ के कवि कौन हैं? | (a) रामधारी सिंह ‘दिनकर’ | ‘जनतंत्र का जन्म’ दिनकर की रचना है। |
| 22 | ‘दिनकर’ का जन्म कब हुआ? | (b) 23 सितम्बर, 1908 | दिनकर का जन्म 23 सितंबर 1908 को हुआ था। |
| 23 | ‘दिनकर’ का जन्म कहाँ हुआ? | (d) सिमरिया, बेगूसराय | दिनकर का जन्म सिमरिया, बेगूसराय (बिहार) में हुआ था। |
| 24 | इनकी प्रारंभिक शिक्षा कहाँ से हुई थी? | (d) जिला स्कूल से | दिनकर की प्रारंभिक शिक्षा जिला स्कूल से हुई थी। |
| 25 | ‘दिनकर’ की किस रचना में कर्ण को नायक बनाया गया है? | (b) रश्मिरथी | ‘रश्मिरथी’ में दिनकर ने कर्ण को नायक के रूप में चित्रित किया है। |
| 26 | ‘मिट्टी की ओर’ कृति है: | (b) गद्य | ‘मिट्टी की ओर’ दिनकर की गद्य कृति है। |
| 27 | मिट्टी की अबोध मूरतें कौन हैं? | (b) जनता | दिनकर ने जनता को मिट्टी की अबोध मूरतों के रूप में चित्रित किया है। |
| 28 | दिनकर जी के माता का नाम क्या था? | (c) मनरूप देवी | दिनकर की माता का नाम मनरूप देवी था। |
| 29 | कवि के अनुसार देवता कहाँ मिलेंगे? | (c) खेतों में | दिनकर के अनुसार, देवता खेतों में मेहनत करने वाले किसानों और मजदूरों में मिलेंगे। |
| 30 | जो भगवान को मंदिरों में खोजते हैं उन्हें कवि ने किससे संबोधित किया है? | (a) मूरख से | दिनकर ने मंदिरों में भगवान खोजने वालों को ‘मूरख’ कहा, क्योंकि सच्चे देवता जनता में हैं। |
| 31 | कवि दिनकर किसके लिए ‘सिंहासन’ खाली करने की बात करते हैं? | (d) जनता के लिए | दिनकर ने ‘सिंहासन खाली करो कि जनता आती है’ में जनता के लिए सिंहासन खाली करने की बात कही। |
| 32 | कवि दिनकर के अनुसार कौन ‘सोने का ताज’ पहनकर इठला रही है? | (c) देश की मिट्टी | दिनकर ने देश की मिट्टी को सोने का ताज पहनकर इठलाने वाली बताया है। |
| 33 | दिनकर के काव्य का मूल स्वर क्या है? | (d) ओज एवं राष्ट्रीय चेतना | दिनकर के काव्य का मूल स्वर ओज और राष्ट्रीय चेतना है। |
| 34 | निम्न में से कौन राज्यसभा के सदस्य बने? | (c) रामधारी सिंह दिनकर | दिनकर 1952-1964 तक राज्यसभा के सदस्य रहे। |
| 35 | रामधारी सिंह दिनकर रचित पाठ है: | (b) जनतंत्र का जन्म | ‘जनतंत्र का जन्म’ दिनकर की रचना है। |
| 36 | ‘सदियों की ठंडी बुझी राख सुगबुगा उठी, मिट्टी सोने का ताज पहन इठलाती है’। यह पंक्ति है: | (a) दिनकर की | यह पंक्ति दिनकर की ‘जनतंत्र का जन्म’ कविता से है। |
| 37 | दिनकर किस काल के प्रमुख कवि हैं? | (d) उत्तर छायावाद | दिनकर उत्तर छायावाद काल (1938-1950) के प्रमुख कवि हैं। |
| 38 | किसके हुंकारों से महलों की नींव उखड़ जाती है? | (d) जनता | दिनकर के अनुसार, जनता के हुंकारों से महलों की नींव उखड़ जाती है। |
| 39 | दिनकर जी कवि के साथ-साथ: | (b) गद्यकार भी थे | दिनकर कवि के साथ-साथ उत्कृष्ट गद्यकार भी थे, जिन्होंने कई निबंध और गद्य रचनाएँ लिखीं। |
| 40 | रामधारी सिंह दिनकर कहाँ के रहने वाले थे? | (d) बिहार के | दिनकर बिहार के रहने वाले थे। |
| 41 | ‘सदियों की ठंढी-बुझी राख सुगबुगा उठी, मिट्टी सोने का ताज पहन इठलाती है’ किस कविता की पंक्ति है? | (d) जनतंत्र का जन्म | यह पंक्ति दिनकर की ‘जनतंत्र का जन्म’ कविता से है। |
7. हिरोशिमा
| क्रम संख्या | प्रश्न | सही उत्तर | व्याख्या (स्पष्टीकरण) |
| 1 | किनके पिता एक प्रख्यात पुरातत्त्ववेता थे? | (a) सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ के | अज्ञेय के पिता डॉ. हीरानंद शास्त्री एक प्रख्यात पुरातत्त्ववेता थे। |
| 2 | सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ ने कितने कवियों का चयन कर ‘तार सप्तक’ को पेश किया? | (c) सात | अज्ञेय ने ‘तार सप्तक’ में सात कवियों का चयन किया, जो प्रयोगवादी कविता का प्रतीक है। |
| 3 | ‘चिंता’ किसकी रचना है? | (c) सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ | ‘चिंता’ अज्ञेय की कविता है, जो उनकी विचारशील और प्रयोगवादी शैली को दर्शाती है। |
| 4 | द्वितीय विश्वयुद्ध में परमाणु बम कहाँ गिराया गया? | (a) जापान पर | द्वितीय विश्वयुद्ध में परमाणु बम जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर गिराए गए। |
| 5 | ‘एक बूँद सहसा उछली’ किसकी रचना है? | (a) अज्ञेय | यह अज्ञेय की प्रसिद्ध कविता है, जो उनकी प्रयोगवादी शैली का उदाहरण है। |
| 6 | ‘पुष्करिणी’ किसकी रचना है? | (d) अज्ञेय | ‘पुष्करिणी’ अज्ञेय की काव्य रचना है। |
| 7 | अज्ञेय का जन्म किस प्रदेश में हुआ था? | (b) उत्तर प्रदेश | अज्ञेय का जन्म उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में हुआ था। |
| 8 | कौन-सी कृति अज्ञेय की नहीं है? | (d) मिलनयामिनी | ‘मिलनयामिनी’ अज्ञेय की कृति नहीं है; बाकी सभी उनकी रचनाएँ हैं। |
| 9 | ‘उत्तर प्रियदर्शी’ किस विधा की रचना है? | (a) नाटक | ‘उत्तर प्रियदर्शी’ अज्ञेय का नाटक है। |
| 10 | हिरोशिमा किस देश में है? | (c) जापान | हिरोशिमा जापान में स्थित है, जहाँ 1945 में परमाणु बम गिराया गया था। |
| 11 | ‘हिरोशिमा’ शीर्षक कविता में ‘सूरज’ का प्रतीक अर्थ क्या है? | (d) अणुबम | ‘हिरोशिमा’ में ‘सूरज’ परमाणु बम का प्रतीक है, जो विनाश का द्योतक है। |
| 12 | ‘कुछ क्षण का वह उदय अस्त!’ इसमें कौन-सा अलंकार है? | (d) विरोधाभास एवं विभावना | इस पंक्ति में विरोधाभास (उदय-अस्त) और विभावना अलंकार का प्रयोग है। |
| 13 | ‘हिरोशिमा’ शीर्षक कविता में वर्णित सूरज कहाँ निकला? | (b) नगर के चौक पर | कविता में सूरज (परमाणु बम) नगर के चौक पर निकलने का उल्लेख है, जो विनाश को दर्शाता है। |
| 14 | अज्ञेय के नाम से हिन्दी साहित्य के इतिहास में कौन-सा वाद जुड़ा हुआ है? | (c) प्रयोगवाद | अज्ञेय प्रयोगवाद के सूत्रपातकर्ता हैं, जिसकी शुरुआत ‘तार सप्तक’ से हुई। |
| 15 | कौन-सी कृति अज्ञेय की है? | (c) अरे यायावर रहेगा याद | ‘अरे यायावर रहेगा याद’ अज्ञेय की काव्य रचना है। |
| 16 | ‘हिरोशिमा’ के कवि कौन हैं? | (c) ‘अज्ञेय’ | ‘हिरोशिमा’ अज्ञेय की कविता है, जो परमाणु बम की त्रासदी को चित्रित करती है। |
| 17 | ‘अज्ञेय’ किसका उपनाम है? | (a) सच्चिदानंद वात्स्यायन | ‘अज्ञेय’ सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन का उपनाम है। |
| 18 | ‘धूप बरसी पर अन्तरिक्ष से नहीं, फटी …’ | (b) दसों दिशाओं से | यह पंक्ति ‘हिरोशिमा’ से है, जिसमें परमाणु बम के विस्फोट को दसों दिशाओं से फटने वाली धूप के रूप में चित्रित किया गया है। |
| 19 | ‘अज्ञेय’ की निबंध कृति है: | (d) इनमें सभी | ‘भवंती’, ‘अंतरा’, और ‘त्रिशंकु’ सभी अज्ञेय की निबंध कृतियाँ हैं। |
| 20 | ‘अज्ञेय’ की काव्य-संग्रह है: | (d) इनमें सभी | ‘हरी घास पर क्षण भर’, ‘कितनी नावों में कितनी बार’, और ‘आँगन के पार द्वार’ सभी अज्ञेय के काव्य संग्रह हैं। |
| 21 | ‘अज्ञेय’ का निधन कब हुआ? | (c) 4 अप्रैल, 1987 | अज्ञेय का निधन 4 अप्रैल 1987 को हुआ था। |
| 22 | ‘अज्ञेय’ के माताजी का क्या नाम था? | (c) व्यंती देवी | अज्ञेय की माता का नाम व्यंती देवी था। |
| 23 | ‘शेखर: एक जीवनी’ उपन्यास किसकी रचना है? | (b) सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ | ‘शेखर: एक जीवनी’ अज्ञेय का प्रसिद्ध उपन्यास है। |
| 24 | ‘अज्ञेय’ का जन्म कब हुआ? | (a) 7 मार्च, 1911 | अज्ञेय का जन्म 7 मार्च 1911 को हुआ था। |
| 25 | ‘शेखर: एक जीवनी’ अज्ञेय की प्रसिद्ध है: | (b) उपन्यास | ‘शेखर: एक जीवनी’ अज्ञेय का आत्मकथात्मक उपन्यास है। |
| 26 | ‘अज्ञेय’ ने सम्पादन किया: | (c) तार सप्तक | अज्ञेय ने ‘तार सप्तक’ का सम्पादन किया, जो प्रयोगवादी कविता का महत्वपूर्ण संग्रह है। |
| 27 | जापान के ‘हिरोशिमा’ नामक नगर पर अणुबम किसने गिराई? | (a) अमेरिका | अमेरिका ने 6 अगस्त 1945 को हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया था। |
| 28 | अज्ञेय ने अपनी शिक्षा कहाँ तक ग्रहण की? | (c) एम० ए० | अज्ञेय ने एम.ए. तक की शिक्षा प्राप्त की थी। |
| 29 | ‘अज्ञेय’ का पूरा नाम है: | (b) सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ | अज्ञेय का पूरा नाम सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन है। |
| 30 | ‘अज्ञेय’ के पिताजी का क्या नाम था? | (a) डॉ० हीरानंद शास्त्री | अज्ञेय के पिता का नाम डॉ. हीरानंद शास्त्री था। |
| 31 | ‘हिरोशिमा’ कविता किसका चित्रण करती है? | (d) आधुनिक सभ्यता की दुर्दान्त मानवीय विभीषिका का | ‘हिरोशिमा’ परमाणु बम की त्रासदी और आधुनिक सभ्यता की विभीषिका को चित्रित करती है। |
| 32 | ‘अज्ञेय’ द्वारा रचित ‘शाश्वती’ है: | (d) काव्य | ‘शाश्वती’ अज्ञेय की काव्य रचना है। |
| 33 | कवि के अनुसार अणुबम है: | (b) सूरज | ‘हिरोशिमा’ में अणुबम को सूरज के रूप में प्रतीकात्मक रूप से चित्रित किया गया है। |
| 34 | ‘तार-सप्तक’ का संपादन किया: | (d) ‘अज्ञेय’ ने | ‘तार सप्तक’ का संपादन अज्ञेय ने किया, जिसने प्रयोगवाद को बढ़ावा दिया। |
| 35 | हिन्दी कविता में प्रयोगवाद का सूत्रपात किया: | (d) ‘अज्ञेय’ ने | अज्ञेय ने ‘तार सप्तक’ के माध्यम से हिंदी कविता में प्रयोगवाद का सूत्रपात किया। |
| 36 | ‘हिरोशिमा’ पाठ में नगर के चौक पर निकलने वाला सूरज क्या है? | (b) परमाणु बम | कविता में सूरज परमाणु बम का प्रतीक है, जो हिरोशिमा के विनाश को दर्शाता है। |
| 37 | दुर्दान्त मानवीय विभीषिका का चित्रण करने वाली कविता है: | (c) हिरोशिमा | ‘हिरोशिमा’ परमाणु बम की मानवीय त्रासदी का चित्रण करती है। |
| 38 | ‘पत्थर पर लिखी हुई जली हुई छाया’ किसकी साखी है? | (c) मानव | यह पंक्ति हिरोशिमा में परमाणु बम से प्रभावित मानव छायाओं को दर्शाती है। |
| 39 | ‘नदी के द्वीप’ किस कवि की रचना है? | (d) सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ | ‘नदी के द्वीप’ अज्ञेय का उपन्यास है। |
8. एक वृक्ष की हत्या
| क्रम संख्या | प्रश्न | सही उत्तर | व्याख्या (स्पष्टीकरण) |
| 1 | पर्यावरण, मनुष्य और सभ्यता के विनाश की कथा व्यक्त करती कविता निम्न में कौन है? | (c) एक वृक्ष की हत्या | ‘एक वृक्ष की हत्या’ कविता पर्यावरण और मानवता के विनाश की अंतर्व्यथा को व्यक्त करती है। |
| 2 | ‘एक वृक्ष की हत्या’ शीर्षक कविता में कौन हमेशा चौकन्ना रहता था? | (c) वृक्ष | कविता में वृक्ष को चौकन्ना चौकीदार के रूप में चित्रित किया गया है। |
| 3 | कुँवर नारायण आधुनिक युग की किस काव्यधारा के कवि हैं? | (a) नयी कविता | कुँवर नारायण ‘नयी कविता’ धारा के प्रमुख कवि हैं, जो आधुनिक संवेदनाओं को व्यक्त करते हैं। |
| 4 | निम्नलिखित में से नगर संवेदना के कवि कौन हैं? | (b) कुँवर नारायण | कुँवर नारायण नगर संवेदना के कवि हैं, जो शहरी जीवन की जटिलताओं को चित्रित करते हैं। |
| 5 | मनुष्य और सभ्यता के विनाश की अंतर्व्यथा को अभिव्यक्त करने वाली कविता निम्न में से कौन है? | (a) एक वृक्ष की हत्या | ‘एक वृक्ष की हत्या’ मनुष्य और सभ्यता के विनाश की चिंता को व्यक्त करती है। |
| 6 | ‘एक वृक्ष की हत्या’ में कवि मनुष्य को क्या हो जाने से बचाना चाहता है? | (c) जहर हो जाने से | कवि मनुष्य को पर्यावरणीय विनाश के कारण जहर (विषाक्तता) हो जाने से बचाना चाहता है। |
| 7 | ‘चक्रव्यूह’ के रचनाकार हैं: | (a) कुँवर नारायण | ‘चक्रव्यूह’ कुँवर नारायण का काव्य संग्रह है। |
| 8 | दूर से कौन ललकारता है? | (d) वृक्ष चौकीदार | कविता में वृक्ष को चौकीदार के रूप में ललकारते हुए दिखाया गया है। |
| 9 | कवि के अंदेशों में कौन था? | (a) एक जानी दुश्मन | कवि को वृक्ष की हत्या के पीछे एक जानी दुश्मन (प्रतीकात्मक रूप से पर्यावरण विनाशक शक्ति) का अंदेशा था। |
| 10 | कुँवर नारायण का जन्म किस शहर में हुआ था? | (b) इलाहाबाद | कुँवर नारायण का जन्म इलाहाबाद (प्रयागराज), उत्तर प्रदेश में हुआ था। |
| 11 | ‘बचाना है मनुष्य को जंगल हो जाने से’ – इस कथन के माध्यम से कवि मनुष्य के संबंध में क्या सोचता है? | (c) मनुष्य निरंतर असभ्य होता जा रहा है | कवि का मानना है कि मनुष्य पर्यावरण विनाश के कारण असभ्य और जंगली होता जा रहा है। |
| 12 | कुँवर नारायण कैसे कवि हैं? | (d) संवेदनशील | कुँवर नारायण संवेदनशील कवि हैं, जो पर्यावरण और मानवता के प्रति गहरी चिंता व्यक्त करते हैं। |
| 13 | ‘एक वृक्ष की हत्या’ के कवि कौन हैं? | (c) कुँवर नारायण | ‘एक वृक्ष की हत्या’ कुँवर नारायण की रचना है। |
| 14 | ‘एक वृक्ष की हत्या’ किस काव्य-संग्रह से संकलित है? | (a) इन दिनों | ‘एक वृक्ष की हत्या’ कुँवर नारायण के काव्य संग्रह ‘इन दिनों’ से संकलित है। |
| 15 | ‘एक वृक्ष की हत्या’ पाठ में कवि किसकी रक्षा को कविता का केन्द्र मानते हैं? | (b) मानवता की रक्षा | कविता में वृक्ष की हत्या के माध्यम से कवि मानवता की रक्षा को केंद्र में रखते हैं। |
| 16 | बचाना है ‘नदियों को’: | (c) नाला हो जाने से | कवि नदियों को प्रदूषण के कारण नाला बनने से बचाना चाहता है। |
| 17 | ‘कुँवर नारायण’ की काव्य-संग्रह है: | (d) इनमें सभी | ‘आत्मजयी’, ‘चक्रव्यूह’, और ‘परिवेश’ सभी कुँवर नारायण के काव्य संग्रह हैं। |
| 18 | ‘आकारों के आसपास’ कुँवर नारायण की कृति है: | (b) काव्य-संग्रह | ‘आकारों के आसपास’ कुँवर नारायण का काव्य संग्रह है। |
| 19 | कुँवर नारायण की समीक्षात्मक रचना है: | (b) आज और आज से पहले | ‘आज और आज से पहले’ कुँवर नारायण की समीक्षात्मक रचना है। |
| 20 | ‘वर्दी’ कौन-सा कारक है? | (c) करण | ‘वर्दी’ कविता में करण कारक के रूप में प्रयुक्त है (चौकीदार की वर्दी)। |
| 21 | ‘धूप’ कौन-सा कारक है? | (a) कर्म | ‘धूप’ कविता में कर्म कारक के रूप में प्रयुक्त है। |
| 22 | कुँवर नारायण का जन्म कब हुआ? | (b) 19 सितम्बर, 1927 | कुँवर नारायण का जन्म 19 सितंबर 1927 को हुआ था। |
| 23 | ‘कुँवर’ को किस पुरस्कार से सम्मानित किया गया? | (c) (a) और (b) दोनों | कुँवर नारायण को प्रेमचंद पुरस्कार और साहित्य अकादमी पुरस्कार दोनों से सम्मानित किया गया। |
| 24 | कुँवर नारायण की प्रसिद्ध कृति कौन-सी है? | (c) (a) और (b) दोनों | ‘आत्मजयी’ और ‘कालजयी’ दोनों कुँवर नारायण की प्रसिद्ध कृतियाँ हैं। |
| 25 | कवि को वृक्ष कैसा लगता है? | (c) बूढ़ा चौकीदार की तरह | कवि वृक्ष को बूढ़े चौकीदार की तरह देखता है, जो हमेशा सजग रहता है। |
| 26 | कवि के घर लौटने पर दरवाजे पर क्या नहीं देखा? | (d) बूढ़े चौकीदार वृक्ष को | कवि ने घर लौटने पर बूढ़े चौकीदार वृक्ष को नहीं देखा, जो कट गया था। |
| 27 | ‘कुँवर’ ने लिखने की शुरूआत कब से की? | (b) 1950 ई० के आसपास | कुँवर नारायण ने 1950 के आसपास लेखन शुरू किया। |
| 28 | ‘एक वृक्ष की हत्या’ किससे जुड़ी हुई है? | (c) पर्यावरण से | यह कविता पर्यावरण संरक्षण और वृक्षों के महत्व से जुड़ी है। |
| 29 | एक वृक्ष की हत्या कविता में कवि शहर को किससे बचाने की बात करता है? | (d) इनमें से कोई नहीं | कवि शहर को पर्यावरणीय विनाश से बचाने की बात करता है, जो विकल्पों में स्पष्ट नहीं है। |
| 30 | जो हमेशा मिलता था के दरवाजे पर तैनात: | (b) घर | वृक्ष चौकीदार हमेशा कवि के घर के दरवाजे पर तैनात मिलता था। |
| 31 | कवि बूढ़े वृक्ष की तुलना किससे करता है: | (a) चौकीदार से | कवि बूढ़े वृक्ष की तुलना चौकीदार से करता है। |
| 32 | हवा में मात्रा बढ़ रही है: | (b) कार्बन-डाई-ऑक्साइड की | कविता में पर्यावरण प्रदूषण के संदर्भ में कार्बन-डाई-ऑक्साइड की मात्रा बढ़ने का उल्लेख है। |
| 33 | कवि जंगल को क्या होने से बचाना चाहता है? | (b) मरुस्थल | कवि जंगल को मरुस्थल बनने से बचाना चाहता है। |
| 34 | वायु प्रदूषण को रोका जा सकता है: | (a) वृक्ष से | वृक्ष वायु प्रदूषण को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। |
| 35 | वृक्ष काटने से बिगड़ता है: | (a) पर्यावरण | वृक्ष काटने से पर्यावरण संतुलन बिगड़ता है। |
| 36 | कवि के अनुसार चौकीदार वस्त्र पहनता है: | (b) मैला-कुचैला | कवि वृक्ष को मैला-कुचैला वस्त्र पहने चौकीदार के रूप में चित्रित करता है। |
| 37 | कुँवर नारायण कवि हैं: | (b) नगर संवेदना के | कुँवर नारायण नगर संवेदना के कवि हैं, जो शहरी जीवन की समस्याओं को उजागर करते हैं। |
| 38 | “दूर से ही ललकारता,” कौन? मैं जवाब देता, “दोस्त”! पंक्ति किस पाठ से है? | (a) एक वृक्ष की हत्या | यह पंक्ति ‘एक वृक्ष की हत्या’ कविता से है। |
| 39 | ‘एक वृक्ष की हत्या’ कविता में वृक्ष और कवि के बीच कैसा संबंध है? | (b) मित्रता | कविता में वृक्ष और कवि के बीच मित्रता का संबंध दर्शाया गया है। |
| 40 | कवि को बूढ़ा चौकीदार वृक्ष हमेशा कहाँ पर मिलता था? | (c) घर के दरवाजे पर | बूढ़ा चौकीदार वृक्ष कवि को हमेशा घर के दरवाजे पर मिलता था। |
| 41 | ‘एक वृक्ष की हत्या’ शीर्षक कविता में वृक्ष की सूखी डाली किसकी तरह थी? | (c) कमजोर आदमी की तरह | वृक्ष की सूखी डाली को कवि ने कमजोर आदमी की तरह चित्रित किया है। |
9. हमारी नींद
| क्रम संख्या | प्रश्न | सही उत्तर | व्याख्या (स्पष्टीकरण) |
| 1 | निम्न में कौन कवि आदिवासी लोक कविताओं के भी अनुवादक हैं? | (c) वीरेन डंगवाल | वीरेन डंगवाल ने आदिवासी लोक कविताओं का अनुवाद किया, जो उनकी साहित्यिक संवेदनशीलता को दर्शाता है। |
| 2 | वीरेन डंगवाल की किस कृति पर ‘रघुवीर सहाय स्मृति पुरस्कार’ प्राप्त हुआ? | (b) इसी दुनिया में | ‘इसी दुनिया में’ काव्य संग्रह के लिए डंगवाल को रघुवीर सहाय स्मृति पुरस्कार मिला। |
| 3 | ‘घूमता आईना’ शीर्षक से स्तंभ लेखन किसने किया? | (c) वीरेन डंगवाल | डंगवाल ने ‘घूमता आईना’ शीर्षक से स्तंभ लेखन किया, जो उनकी पत्रकारिता का हिस्सा है। |
| 4 | ‘हमारी नींद’ शीर्षक कविता में कवि कहता है-‘कुछ……… बढ़ गए पेड़’। | (d) इनमें से कोई नहीं | कविता में पेड़ों के बढ़ने की माप का उल्लेख नहीं है; यह सामाजिक यथार्थ पर केंद्रित है। |
| 5 | तुर्की के महाकवि नाजिम हिकमत की कविताओं के अनुवाद किस कवि ने ‘पहल पुस्तिका’ के रूप में किया? | (b) वीरेन डंगवाल | डंगवाल ने नाजिम हिकमत की कविताओं का अनुवाद ‘पहल पुस्तिका’ के रूप में किया। |
| 6 | वीरेन डंगवाल का पहला कविता संग्रह कब प्रकाशित हुआ? | (c) सन् 1991 में | डंगवाल का पहला कविता संग्रह ‘इसी दुनिया में’ 1991 में प्रकाशित हुआ। |
| 7 | ‘हमारी नींद’ शीर्षक कविता किस काव्य-संग्रह से ली गई है? | (b) इसी दुनिया में | ‘हमारी नींद’ कविता ‘इसी दुनिया में’ काव्य संग्रह से ली गई है। |
| 8 | वीरेन डंगवाल किस दैनिक पत्र के संपादकीय सलाहकार हैं? | (c) अमर उजाला | डंगवाल ‘अमर उजाला’ दैनिक पत्र के संपादकीय सलाहकार रहे। |
| 9 | ‘इसी दुनिया में’ किसकी कृति है? | (d) वीरेन डंगवाल | ‘इसी दुनिया में’ वीरेन डंगवाल का प्रसिद्ध काव्य संग्रह है। |
| 10 | कविता में देवी जागरण कहाँ हुआ? | (b) गरीब बस्तियों में | ‘हमारी नींद’ में देवी जागरण का उल्लेख गरीब बस्तियों में होता है। |
| 11 | कविता में किसका जीवन-क्रम पूरा हुआ उल्लिखित है? | (c) मच्छर का | कविता में मच्छर के जीवन-क्रम के पूरा होने का उल्लेख है। |
| 12 | ‘हमारी नींद’ के रचयिता कौन हैं? | (b) वीरेन डंगवाल | ‘हमारी नींद’ वीरेन डंगवाल की रचना है। |
| 13 | वीरेन डंगवाल किस विचारधारा के कवि हैं? | (a) जनवाद | डंगवाल जनवादी विचारधारा के कवि हैं, जो सामाजिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। |
| 14 | ‘हमारी नींद’ में ‘नींद’ किसका प्रतीक है? | (b) आलस | ‘नींद’ कविता में सामाजिक उदासीनता और आलस का प्रतीक है। |
| 15 | ‘दुश्चक्र में सृष्टा’ पुस्तक पर वीरेन डंगवाल को कौन-सा पुरस्कार प्राप्त हुआ? | (c) साहित्य अकादमी | ‘दुश्चक्र में सृष्टा’ के लिए डंगवाल को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला। |
| 16 | वीरेन डंगवाल को उपाधि दी गई: | (d) इनमें से कोई नहीं | डंगवाल को कोई विशिष्ट उपाधि (जैसे डी.लिट., पद्मभूषण) नहीं दी गई। |
| 17 | ‘हमारी नींद’ कविता के कवि ने किसका उल्लेख किया है? | (c) गरीब बस्तियों का | कविता में गरीब बस्तियों की स्थिति और वहाँ के जीवन का उल्लेख है। |
| 18 | कवि हमें क्या सलाह देता है? | (b) नींद से जगने की | कवि सामाजिक उदासीनता से जागने और सक्रिय होने की सलाह देता है। |
| 19 | ‘अत्याचारी’ का शाब्दिक अर्थ है: | (a) अन्यायी | ‘अत्याचारी’ का अर्थ अन्यायी या जुल्म करने वाला है। |
| 20 | कवि वीरेन डंगवाल के अनुसार जीवन में महत्त्वपूर्ण क्या है? | (d) संघर्ष | डंगवाल के काव्य में संघर्ष को जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है। |
| 21 | ‘झगड़ा-फसाद’ कौन-सा समास है? | (c) द्वन्द्व | ‘झगड़ा-फसाद’ द्वन्द्व समास है, जिसमें दो समान महत्व के शब्द जुड़े हैं। |
| 22 | हम जब नींद में होते हैं, तब किसका जीवन चक्र पूरा हो जाता है? | (d) मच्छर का | कविता में मच्छर के जीवन चक्र के पूरा होने का उल्लेख है। |
| 23 | वीरेन डंगवाल की प्रारंभिक शिक्षा कहाँ से हुई? | (b) सहारनपुर | डंगवाल की प्रारंभिक शिक्षा सहारनपुर, उत्तर प्रदेश से हुई। |
| 24 | इन्होंने किस विश्वविद्यालय से एम०ए० की डिग्री प्राप्त की? | (b) इलाहाबाद विश्वविद्यालय | डंगवाल ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एम.ए. की डिग्री प्राप्त की। |
| 25 | ‘दंगे, आगजनी और बमबारी’ से किसका चित्रण हुआ है? | (a) सामाजिक यथार्थ का | कविता में दंगे, आगजनी और बमबारी सामाजिक यथार्थ को दर्शाते हैं। |
| 26 | कविता के नये प्रतिमान: | (a) वीरेन डंगवाल | ‘कविता के नये प्रतिमान’ वीरेन डंगवाल की समीक्षात्मक कृति है। |
| 27 | ‘टिहरी गढ़वाल’ कहाँ अवस्थित है? | (d) उत्तराखण्ड में | टिहरी गढ़वाल उत्तराखंड में स्थित है। |
| 28 | वीरेन डंगवाल का जन्म कब हुआ? | (a) 5 अगस्त, 1947 को | डंगवाल का जन्म 5 अगस्त 1947 को हुआ था। |
| 29 | वीरेन डंगवाल का जन्म कहाँ हुआ था? | (d) उत्तराखण्ड | डंगवाल का जन्म उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में हुआ था। |
| 30 | वीरेन डंगवाल का काव्य संग्रह है: | (c) (a) और (b) दोनों | ‘दुश्चक्र में सृष्टा’ और ‘इसी दुनिया में’ दोनों डंगवाल के काव्य संग्रह हैं। |
| 31 | गरीब बस्तियों में क्या हुआ? | (c) धमाके से देवी जागरण | कविता में गरीब बस्तियों में धमाके से देवी जागरण का उल्लेख है। |
| 32 | वीरेन डंगवाल को किस कृति के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला है? | (b) दुष्चक्र में सृष्टा | डंगवाल को ‘दुश्चक्र में सृष्टा’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ। |
| 33 | परदेश की विद्या पढ़ने का क्या परिणाम हुआ? | (b) सबकी बुद्धि विदेशी हो गई | यह प्रश्न संभवतः किसी अन्य संदर्भ से संबंधित है, लेकिन सामान्यतः विदेशी शिक्षा के प्रभाव को दर्शाता है। |
10. अक्षर ज्ञान
| क्रम संख्या | प्रश्न | सही उत्तर | व्याख्या (स्पष्टीकरण) |
| 1 | ‘अक्षर-ज्ञान’ शीर्षक कविता में बेटे का ‘क’ कहाँ नहीं अँटता? | (c) चौखटे में | कविता में बेटे का ‘क’ चौखटे में नहीं अँटता, जो उसकी असीम जिज्ञासा को दर्शाता है। |
| 2 | “उसका ‘ख’ खरगोश की खालिस बेचैनी में।” यह पंक्ति किस कविता की है? | (a) अक्षर-ज्ञान | यह पंक्ति ‘अक्षर-ज्ञान’ कविता से है, जिसमें ‘ख’ को खरगोश की बेचैनी से जोड़ा गया है। |
| 3 | ‘अक्षर ज्ञान’ शीर्षक कविता में कवयित्री ने ‘ङ’ का क्या मतलब बताया है? | (d) माँ की गोद में बैठा बेटा | ‘ङ’ को माँ की गोद में बैठे बेटे के रूप में चित्रित किया गया है। |
| 4 | “पंक्ति से उतर जाता है उसका ‘ख'” – यह पंक्ति किस कविता की है? | (d) अक्षर ज्ञान | यह पंक्ति ‘अक्षर-ज्ञान’ से है, जो बच्चे की बेचैनी और स्वतंत्रता को दर्शाती है। |
| 5 | ‘अक्षर-ज्ञान’ शीर्षक कविता कहाँ से ली गई है? | (b) ‘बीजाक्षर’ से | ‘अक्षर-ज्ञान’ अनामिका के काव्य संकलन ‘बीजाक्षर’ से ली गई है। |
| 6 | ‘बीजाक्षर’ शीर्षक काव्य संकलन किसकी कृति है? | (c) अनामिका | ‘बीजाक्षर’ अनामिका का काव्य संकलन है। |
| 7 | ‘गलत पते की चिट्ठी’ किस विधा की कृति है? | (b) काव्य संकलन | ‘गलत पते की चिट्ठी’ अनामिका का काव्य संकलन है। |
| 8 | ‘अनुष्टुप’ किसकी कृति है? | (d) अनामिका | ‘अनुष्टुप’ अनामिका की काव्य कृति है। |
| 9 | ‘अक्षर-ज्ञान’ किसकी रचना है? | (d) अनामिका | ‘अक्षर-ज्ञान’ अनामिका की रचना है। |
| 10 | अनामिका किस काल की कवयित्री हैं? | (c) समकालीन | अनामिका समकालीन हिंदी साहित्य की कवयित्री हैं। |
| 11 | चौखटे में बेटे का क्या नहीं अँटता है? | (a) क | कविता में बेटे का ‘क’ चौखटे में नहीं अँटता, जो उसकी असीम जिज्ञासा को दर्शाता है। |
| 12 | बच्चा कहाँ आकर थमक जाता है? | (d) ‘ङ’ पर | बच्चा ‘ङ’ पर आकर थमक जाता है, जो माँ की गोद का प्रतीक है। |
| 13 | अबोध बालक के अक्षर पाटी पर क्या नहीं अँटता? | (a) ‘क’ | अबोध बालक का ‘क’ अक्षर पाटी पर नहीं अँटता, जो उसकी स्वतंत्रता को दर्शाता है। |
| 14 | किसका ध्यान ‘क’ लिखते समय कबूतर पर होता है? | (b) अबोध बालक | बालक का ध्यान ‘क’ लिखते समय कबूतर पर होता है, जो उसकी जिज्ञासा को दिखाता है। |
| 15 | बालक ‘ङ’ के ‘ड’ को क्या समझता है? | (d) इनमें से कोई नहीं | ‘ङ’ को बालक माँ की गोद में बैठे बेटे के रूप में समझता है, जो विकल्पों में नहीं है। |
| 16 | कविता ‘अक्षर ज्ञान’ में ‘ङ’ को क्या कहा गया है? | (b) माँ-बेटा | ‘ङ’ को माँ की गोद में बैठे बेटे के रूप में चित्रित किया गया है। |
| 17 | खालिस (खरा या शुद्ध) बेचैनी किसकी है? | (c) बेटे की | ‘ख’ की बेचैनी बच्चे की खालिस बेचैनी को दर्शाती है। |
| 18 | कविता में ‘घ’ से किसका बोध कराया गया है? | (d) घड़ा | ‘घ’ को घड़े के रूप में चित्रित किया गया है। |
| 19 | कवयित्री अनामिका ने इसमें से किसका सम्पादन किया? | (a) कहती है औरतें | अनामिका ने ‘कहती है औरतें’ का सम्पादन किया। |
| 20 | कवयित्री अनामिका की आलोचनात्मक लेखन है: | (b) स्त्रीत्व का मानचित्र | ‘स्त्रीत्व का मानचित्र’ अनामिका की आलोचनात्मक कृति है। |
| 21 | कवयित्री अनामिका को किस सम्मान से सम्मानित किया गया? | (d) इनमें सभी | अनामिका को राष्ट्रभाषा परिषद्, भारत भूषण अग्रवाल, और गिरजा कुमार माथुर पुरस्कार मिले। |
| 22 | कवयित्री द्वारा अंग्रेजी में लिखी गई आलोचनात्मक लेखन है: | (b) पोस्ट-एलिएट पोएट्री | अनामिका की अंग्रेजी में आलोचनात्मक कृति ‘पोस्ट-एलिएट पोएट्री’ है। |
| 23 | विफलता पर छलक पड़ते हैं: | (a) आँसू | कविता में विफलता पर आँसुओं का छलकना बताया गया है। |
| 24 | सृष्टि की विकास-कथा का प्रथमाक्षर क्या है? | (c) विफलता पर छलके आँसू | सृष्टि की विकास-कथा का प्रथमाक्षर विफलता पर छलके आँसू हैं। |
| 25 | अनामिका का जन्म कब हुआ? | (c) 17 अगस्त, 1961 को | अनामिका का जन्म 17 अगस्त 1961 को हुआ था। |
| 26 | अनामिका का जन्म कहाँ हुआ? | (b) मुजफ्फरपुर, बिहार | अनामिका का जन्म मुजफ्फरपुर, बिहार में हुआ था। |
| 27 | अनामिका के पिता का नाम था: | (a) श्यामनंदन किशोर | अनामिका के पिता का नाम श्यामनंदन किशोर था। |
| 28 | ‘खालिस’ शब्द है: | (c) अरबी | ‘खालिस’ अरबी भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ शुद्ध या खरा है। |
| 29 | ङ वर्ण है: | (d) नासिक्य वर्ण | ‘ङ’ नासिक्य वर्ण है, जो हिंदी में नाक से उच्चारित होता है। |
| 30 | हिन्दी किस लिपि में लिखा जाता है: | (b) देवनागरी | हिंदी देवनागरी लिपि में लिखी जाती है। |
| 31 | कविता में बच्चों को ‘ख’ से क्या याद आ रहा है? | (a) खरगोश | ‘ख’ से बच्चों को खरगोश की बेचैनी याद आती है। |
| 32 | कौन-सा वर्ण माँ के गोद में बैठा हुआ प्रतीत होता है? | (a) ङ | ‘ङ’ माँ की गोद में बैठे बेटे के रूप में प्रतीत होता है। |
| 33 | घड़े सा लुढ़कता हुआ उसका ‘घ’ किस पर आकर थमक जाता है? | (d) ‘ङ’ पर | ‘घ’ घड़े की तरह लुढ़कता हुआ ‘ङ’ पर आकर थमक जाता है। |
| 34 | ‘प्रथमाक्षर’ का विपरीतार्थक है: | (a) अंत्याक्षर | ‘प्रथमाक्षर’ का विपरीतार्थक ‘अंत्याक्षर’ है। |
| 35 | ‘अक्षर-ज्ञान’ कविता में पंक्ति से क्या उतर जाता है? | (b) ख | ‘ख’ पंक्ति से उतर जाता है, जो बच्चे की बेचैनी को दर्शाता है। |
| 36 | ‘अक्षर ज्ञान’ में किस मनोविज्ञान का आधार लिया गया है? | (c) बाल मनोविज्ञान | कविता में बाल मनोविज्ञान का आधार लिया गया है, जो बच्चों की जिज्ञासा और सीखने की प्रक्रिया को दर्शाता है। |
11. लौटकर आऊँगा फिर
| क्रम संख्या | प्रश्न | सही उत्तर | व्याख्या (स्पष्टीकरण) |
| 1 | ‘खेत हैं जहाँ धान के, बहती नदी’ किस कविता की पंक्ति है? | (c) लौटकर आऊँगा फिर | यह पंक्ति ‘लौटकर आऊँगा फिर’ कविता से है, जो बंगाल की प्रकृति का चित्रण करती है। |
| 2 | कवि जीवनानंद दास किसका हंस बनना चाहते हैं? | (c) किशोरी का | कवि किशोरी के हंस बनने की इच्छा व्यक्त करते हैं, जो प्रेम और सौंदर्य का प्रतीक है। |
| 3 | बाँग्ला के सर्वाधिक सम्मानित एवं चर्चित कवियों में से एक हैं: | (a) जीवनानंद दास | जीवनानंद दास बांग्ला साहित्य के प्रमुख और सम्मानित कवि हैं। |
| 4 | कवि जीवनानंद दास अगले जीवन में क्या बनने की अभिलाषा व्यक्त करते हैं? | (c) हंस | कवि ‘लौटकर आऊँगा फिर’ में हंस बनने की इच्छा व्यक्त करते हैं। |
| 5 | “नदियाँ, मैदान बंगाल के बुलायेंगे मैं आऊँगा।” यह पंक्ति किस शीर्षक कविता की है? | (a) लौटकर आऊँगा फिर | यह पंक्ति ‘लौटकर आऊँगा फिर’ से है, जो बंगाल के प्रति प्रेम को दर्शाती है। |
| 6 | जीवनानंद दास किस भाषा के कवि हैं? | (c) बाँगला | जीवनानंद दास बांग्ला भाषा के कवि हैं। |
| 7 | इनमें से कौन-सी कृति जीवनानंद दास की नहीं है? | (d) भूमिजा | ‘भूमिजा’ जीवनानंद दास की कृति नहीं है; अन्य सभी उनकी रचनाएँ हैं। |
| 8 | पाठ्यपुस्तक में संकलित जीवनानंद दास की कविता का हिंदी में अनुवाद किसने किया है? | (c) वीरेंद्र सक्सेना | ‘लौटकर आऊँगा फिर’ का हिंदी अनुवाद वीरेंद्र सक्सेना ने किया। |
| 9 | ‘सातटि तारार तिमिर’ किसकी कृति है? | (b) जीवनानंद दास | ‘सातटि तारार तिमिर’ जीवनानंद दास की बांग्ला कृति है। |
| 10 | ‘लौटकर आऊँगा फिर’ शीर्षक कविता में उल्लू कहाँ बोलता है? | (c) कचनार के पेड़ पर | कविता में उल्लू कचनार के पेड़ पर बोलता है। |
| 11 | ‘लौटकर आऊँगा फिर’ कविता में कवि का कौन-सा भाव प्रकट होता है? | (a) मातृभूमि-प्रेम | कविता में बंगाल के प्रति गहरा मातृभूमि-प्रेम व्यक्त हुआ है। |
| 12 | ‘वनलता सेन’ किस कवि की श्रेष्ठ रचना है? | (b) जीवनानंद दास | ‘वनलता सेन’ जीवनानंद दास की श्रेष्ठ और प्रसिद्ध कविता है। |
| 13 | ‘लौटकर आऊँगा फिर’ का प्रमुख वर्ण्य-विषय क्या है? | (a) बंगाल की प्रकृति | कविता का प्रमुख विषय बंगाल की प्रकृति और उससे प्रेम है। |
| 14 | ‘जीवनानंद दास’ को जाना जाता है: | (a) बाँग्ला के आधुनिक कवि के रूप में | जीवनानंद दास बांग्ला साहित्य के आधुनिक कवि के रूप में प्रसिद्ध हैं। |
| 15 | कवि किसके आमंत्रण पर आने की बात करता है? | (c) नदियों और मैदानों के | कवि बंगाल की नदियों और मैदानों के आमंत्रण पर आने की बात करता है। |
| 16 | कवि अगले जन्म में क्या-क्या बनने की संभावना व्यक्त करता है? | (b) कौवा, हंस, उल्लू, सारस | कवि कौवा, हंस, उल्लू, और सारस बनने की संभावना व्यक्त करता है। |
| 17 | कवि किसके बीच अँधेरे में होने की बात करता है? | (a) धान | कविता में धान के खेतों के बीच अँधेरे का उल्लेख है। |
| 18 | ‘रुपसा’ क्या है? | (a) बंगाल की नदी | रुपसा बंगाल की एक नदी है, जिसका उल्लेख कविता में है। |
| 19 | जीवनानंद दास का जन्म कब हुआ? | (c) 1899 ई० में | जीवनानंद दास का जन्म 17 फरवरी 1899 को हुआ था। |
| 20 | ‘लौटकर आऊँगा फिर’ कविता है: | (a) राष्ट्रीय चेतना की | कविता बंगाल के प्रति राष्ट्रीय और सांस्कृतिक चेतना को दर्शाती है। |
| 21 | ‘जीवनानंद दास’ है: | (d) साहित्यकार | जीवनानंद दास एक प्रमुख बांग्ला साहित्यकार हैं। |
| 22 | कवि मृत्योपरान्त कहाँ आने की लालसा रखता है? | (c) (a) और (b) दोनों | कवि मातृभूमि बंगाल और उसकी नदियों के किनारे लौटने की लालसा रखता है। |
| 23 | ‘लौटकर आऊँगा फिर’ शीर्षक कविता किनकी रचना है? | (a) जीवनानंद दास | यह कविता जीवनानंद दास की रचना है। |
| 24 | ‘लौटकर आऊँगा फिर’ कविता किस कवि द्वारा भाषांतरित की गई है? | (c) प्रयाग शुक्ल | कविता का हिंदी अनुवाद प्रयाग शुक्ल ने किया। |
| 25 | जीवनानंद दास की किस कविता को प्रबुद्ध आलोचकों द्वारा रवींद्रोत्तर युग की श्रेष्ठतम प्रेम कविता की संज्ञा दी गई है? | (b) वनलता सेन | ‘वनलता सेन’ को रवींद्रोत्तर युग की श्रेष्ठ प्रेम कविता माना गया है। |
| 26 | कवि किस प्रकार के चावल का वर्णन करता है? | (a) नया | कवि नए चावल का वर्णन करता है, जो बंगाल की प्रकृति से जुड़ा है। |
| 27 | कवि अगले जन्म में बनना नहीं चाहता है: | (a) मनुष्य | कवि अगले जन्म में मनुष्य बनने की इच्छा नहीं रखता। |
| 28 | पक्षी अपने घर कब लौटते हैं: | (a) शाम को | कविता में पक्षियों के शाम को घर लौटने का उल्लेख है। |
| 29 | ‘गंध जहाँ होगी ही भरी, घास की’ किस कवि की पंक्ति है? | (b) जीवनानंद दास | यह पंक्ति ‘लौटकर आऊँगा फिर’ से है, जो जीवनानंद दास की रचना है। |
| 30 | ‘लौटकर आऊँगा फिर’ पाठ के कवि कहाँ लौटने की बात कहते हैं? | (d) बंगाल में | कवि बंगाल में लौटने की बात कहता है। |
| 31 | कवि अगले जन्म में कहाँ लौटकर आने की बात करता है? | (c) बंगाल | कवि अगले जन्म में बंगाल लौटने की इच्छा व्यक्त करता है। |
12. मेरे बिना तुम प्रभु
| क्रम संख्या | प्रश्न | सही उत्तर | व्याख्या (स्पष्टीकरण) |
| 1 | ‘मेरे बिना तुम प्रभु’ शीर्षक कविता किसको संबोधित है? | (d) प्रभु को | कविता में कवि ईश्वर को संबोधित करता है, जो भक्ति और आत्मचिंतन का विषय है। |
| 2 | ‘लाइफ एण्ड सॉन्ग्स’ कविता संकलन किसकी रचना है? | (c) रेनर मारिया रिल्के | ‘लाइफ एण्ड सॉन्ग्स’ रिल्के का कविता संकलन है। |
| 3 | ‘मेरे बिना तुम प्रभु’ के लेखक कौन हैं? | (a) रेनर मारिया रिल्के | यह कविता रेनर मारिया रिल्के की रचना है। |
| 4 | रेनर मारिया रिल्के का जन्म कब हुआ? | (c) 4 दिसम्बर, 1875 को | रिल्के का जन्म 4 दिसंबर 1875 को हुआ था। |
| 5 | रेनर मारिया रिल्के का जन्म कहाँ हुआ? | (b) ऑस्ट्रिया (अब जर्मनी) | रिल्के का जन्म प्राग, ऑस्ट्रिया (तत्कालीन बोहेमिया, अब चेक गणराज्य का हिस्सा) में हुआ था। |
| 6 | रेनर के पिताजी का क्या नाम था? | (d) जोसेफ रिल्के | रिल्के के पिता का नाम जोसेफ रिल्के था। |
| 7 | रेनर के माताजी का क्या नाम था? | (c) सोफिया | रिल्के की माता का नाम सोफिया (फिया) रिल्के था। |
| 8 | भक्त रिल्के प्रभु (ईश्वर) से क्या करता है? | (c) प्रार्थना | कविता में भक्त ईश्वर से प्रार्थना करता है, जो भक्ति भाव को दर्शाता है। |
| 9 | रेनर मारिया रिल्के किस भाषा के कवि हैं? | (c) जर्मन | रिल्के जर्मन भाषा के कवि हैं। |
| 10 | रिल्के की कहानी संग्रह है: | (b) टेल्स ऑफ आलमाइटी | ‘टेल्स ऑफ आलमाइटी’ रिल्के का कहानी संग्रह है। |
| 11 | रिल्के की कविता ‘मेरे बिना तुम प्रभु’ है: | (b) भक्ति भावात्मक | कविता भक्ति और ईश्वर के साथ मानव के संबंध को व्यक्त करती है। |
| 12 | भक्त कवि अपने को भगवान का क्या मानता है? | (c) भक्त | कवि अपने को भगवान का भक्त मानता है। |
| 13 | निर्वासित का अर्थ है: | (a) बेघर | ‘निर्वासित’ का अर्थ बेघर या देश निकाला गया व्यक्ति है। |
| 14 | ‘मेरे बिना तुम प्रभु’ कविता का हिन्दी अनुवाद (रूपांतर) किसने किया है? | (a) रघुवीर सहाय | कविता का हिंदी अनुवाद रघुवीर सहाय ने किया। |
| 15 | पाठ्यपुस्तक में संकलित रिल्के की कविता किस भाव की है? | (c) भक्ति | कविता भक्ति भाव से ओतप्रोत है। |
| 16 | भगवान की कृपा दृष्टि कहाँ विश्राम करती थी? | (c) कवि के नयनों पर | कविता में भगवान की कृपा दृष्टि कवि के नयनों पर विश्राम करती है। |
| 17 | कवि किसके स्वादहीन होने की बात करता है? | (d) मदिरा | कवि मदिरा के स्वादहीन होने की बात करता है, जो जीवन के क्षणिक सुखों का प्रतीक है। |
| 18 | कवि रिल्के के अनुसार मनुष्य के बिना किसका अस्तित्व न रहेगा? | (a) ईश्वर | कवि के अनुसार, मनुष्य के बिना ईश्वर का अस्तित्व अर्थहीन हो जाएगा। |
| 19 | कवि रिल्के के अनुसार ईश्वर को सर्वशक्तिमान के रूप में किसने प्रतिष्ठित किया है? | (c) मनुष्य ने | रिल्के के अनुसार, मनुष्य ने ही ईश्वर को सर्वशक्तिमान के रूप में प्रतिष्ठित किया है। |
| 20 | रिल्के की काव्य शैली कैसी है? | (b) प्रतीकात्मक | रिल्के की काव्य शैली प्रतीकात्मक और गहन भावनात्मक है। |
| 21 | ‘मेरे बिना तुम प्रभु’ किस भाषा से अनुवादित है? | (b) जर्मन | कविता मूल रूप से जर्मन भाषा में लिखी गई थी। |
| 22 | ‘दूर चट्टानों की ठंडी गोद में’ किस कवि की पंक्ति है? | (d) रेनर मारिया रिल्के | यह पंक्ति ‘मेरे बिना तुम प्रभु’ से है, जो रिल्के की रचना है। |
| 23 | कवि अपने को भगवान का क्या मानता है? | (d) भक्त | कवि अपने को भगवान का भक्त मानता है। |
| 24 | लबादा का अर्थ है: | (b) परिधान | ‘लबादा’ का अर्थ परिधान या वस्त्र है। |
| 25 | रेनर मारिया की मृत्यु कब हुई थी? | (b) 1926 ई० में | रिल्के की मृत्यु 29 दिसंबर 1926 को हुई थी। |
| 26 | भगवान का अस्तित्व समाप्त हो सकता है: | (b) भक्त न होने पर | कवि के अनुसार, भक्त के बिना भगवान का अस्तित्व अर्थहीन हो जाता है। |
| 27 | चरणों में छाले पड़ जाएँगे, वे …… लहूलुहान! | (b) तुम्हारे | कविता में भगवान के चरणों के लहूलुहान होने की बात कही गई है। |
| 28 | किसे खोकर ईश्वर अपना अर्थ खो बैठेंगे? | (c) भक्त | कवि के अनुसार, भक्त के बिना ईश्वर अपना अर्थ खो देगा। |
| 29 | कवि रेनर मारिया रिल्के किनके चरणों में छाले पड़ जाने की बात करते हैं? | (c) प्रभु के | कवि प्रभु के चरणों में छाले पड़ने की बात करता है। |
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